जिनपिंग के चाइना ड्रीम को झटका! पनिशमेंट ड्रिल से भड़के ताइवान ने दाग दी ड्रैगन पर मिसाइल
China News: चीन ने ताइवान के आसपास के इलाकों में युद्धाभ्यास शुरु किया है. इसके जवाब में ताइवान ने मिसाइलें फायर की हैं और फाइटर जेट उड़ाए हैं.
China News: ताइवान के नए राष्ट्रपति पद संभालते ही चीन पूरी तरह से बौखला गया है.चीनी सेना ने ताइवान के चारों ओर दो दिन की व्यापक पनिशमेंट ड्रिल भी शुरु कर दी है. इस ड्रिल में चीन की नौसेना, वायु सेना, थल सेना और रॉकेट बल भाग ले रहे हैं. चीन की सेनाएं ताइवान के चारों ओर संयुक्त रूप से यह युद्धाभ्यास कर रही हैं. चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार,यह युद्धाभ्यास गुरुवार सुबह 7.45 बजे शुरू हुआ है.
चीन के संयुक्त युद्धाभ्यास के जवाब में ताइवान ने भी अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है. ताइवान ने अपनी शैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए फाइटर जेट उड़ाए और मिसाइलें दागी. इतना ही नहीं ताइवान ने अपनी नेवी को भी अलर्ट कर दिया है. दोनों देशों के आक्रामक रुख के कारण एशियाई महाद्वीप की राजनीति गर्मा गई है और जंग का नया अखाड़ा खुलने की आशंका जताई जा रही है.
चीन के दावों में नहीं दम
चीन यह युद्धाभ्यास ताइवान स्ट्रेट, ताइवान द्वीप के उत्तर और मात्सु, डोंगयिन आइलैंड के इलाकों में कर रहा है. चीनी सेना ने अपने बयान में कहा है कि दो दिन का यह युद्धाभ्यास स्वतंत्रता चाहने वाली अलगाववादी ताकतों को सबक सिखाने के लिए है. चीन का यह अभ्यास ऐसे समय हुआ है जब चीन के नए प्रेसिडेंट लाई चिंग ते चीन के ताइवान पर संप्रभुता वाले दावे को मानने से इंकार कर दिया है.
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता वांग वेनबिन ने चीनी युद्धाभ्यास को गंभीर चेतावनी करार दिया है. उन्होंने कहा कि चीन जब ताइवान को अपने कब्जे में ले लेगा तब उसकी स्वतंत्रता की मांग करने वाले लोगों के सिर तोड़ दिए जाएंगे. इस दौरान चारों ओर खून बहेगा. चीन हमेशा से ही ताइवान को अपना हिस्सा बताता रहा है. वहीं, दूसरी ओर ताइवान के लोग चाहते हैं कि चीन उस पर अपना अधिकार जमाना बंद कर दे.
राष्ट्रपति की धमकी का असर नहीं
हाल ही में ताइवान के नए राष्ट्रुपति लाई चिंग ने पद की शपथ ली है. इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में चीन को जमकर चेतावनी दी थी. उन्होंने चीन को धमकाते हुए कहा था कि चीन अब ताइवान को धमकाना बंद कर दे. उन्होंने ताइवान जलडमरूमध्य में शांति बनाए रखने की बात कही थी. चीन इसके बाद पूरी तरह से बौखला गया है.