चीन के गुइझोउ प्रांत में निर्माणाधीन हुआजियांग कैन्यन ब्रिज जून 2025 में पूरा होने पर दुनिया का सबसे ऊंचा पुल बन जाएगा. यह इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना न केवल ऊंचाई के मामले में रिकॉर्ड बनाएगा, बल्कि चीन की तकनीकी प्रगति को भी प्रदर्शित करेगा. इसकी उम्मीद पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है.
पुल की खासियतें
हुआजियांग कैन्यन ब्रिज गुइझोउ की पहाड़ी घाटियों के बीच बन रहा है. यह पुल जमीन से अपनी अधिकतम ऊंचाई पर एक नई मिसाल कायम करेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौजूदा सबसे ऊंचे पुल, पुर्तगाल के एआरएस ब्रिज को पीछे छोड़ देगा. इसका डिजाइन न केवल मजबूती प्रदान करता है, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता के साथ सामंजस्य भी बिठाता है. यह पुल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा.
🇨🇳 Huajiang Canyon Bridge in Guizhou province, China is set to become the world's tallest bridge upon its expected completion in June 2025. pic.twitter.com/7GkCnfRjux
— BRICS News (@BRICSinfo) April 4, 2025Also Read
निर्माण और तकनीक
चीन ने इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है. हुआजियांग ब्रिज का निर्माण चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में हो रहा है, जहां गहरी घाटियां और ऊबड़-खाबड़ इलाके हैं. इंजीनियरों ने इसे सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए नवीनतम सामग्रियों और तकनीकों का सहारा लिया है. जून 2025 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद यह पर्यटकों और इंजीनियरिंग उत्साही लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगा.
वैश्विक प्रभाव
इस पुल के बनने से चीन की बुनियादी ढांचा विकास में बढ़त और साफ होगी. यह न केवल परिवहन को आसान बनाएगा, बल्कि गुइझोउ प्रांत के आर्थिक विकास को भी गति देगा. दुनिया भर के विशेषज्ञ इसकी प्रगति पर नजर रखे हुए हैं. यह परियोजना चीन के "बेल्ट एंड रोड" पहल का भी हिस्सा मानी जा रही है, जो वैश्विक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देती है.