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India Daily

हम रोकेंगे दूसरा कोल्ड वॉर, BRICS को लेकर चीन ने क्या कह दिया?

China On Cold War: रूस में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई है. इस दौरान चीन ने पश्चिमी देशों की भूमिका पर सवाल उठाए. चीन ने पश्चिम के रवैये पर कहा कि वह नहीं चाहता है पूरी दुनिया में शांति स्थापित हो. उन्होंने कहा कि पश्चिम के प्रभाव को कम करने के लिए ब्रिक्स देशों को पहल करनी होगी चीन इसमें प्रभावी रूप से सहयोग करेगा.

Shubhank Agnihotri
हम रोकेंगे दूसरा कोल्ड वॉर, BRICS को लेकर चीन ने क्या कह दिया?
Courtesy: Social Media

China On Cold War: हम दुनिया में दूसरा कोल्ड वॉर होने से रोक सकते हैं. चीन के विदेश मंत्री वैंग यी ने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देश दुनिया के सामने मंडरा रहे संभावित नए कोल्ड वॉर को रोकने की क्षमता रखते हैं. ब्रिक्स देशों की बैठक में उन्होंने कहा कि हमें जल्द ही इस दिशा में काम शुरु करने की आवश्यकता है. ब्रिक्स देशों को चाहिए कि वे शांति को बढ़ावा देने वाले प्रयास करें ताकि दुनिया के सामने संभावित नए शीत युद्ध को रोका जा सके. वैंग यी ने रूसी शहर निज़नी नोवगोरोड में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान यह बातें कहीं.

ब्रिक्स देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने पश्चिमी देशों की नीतियों पर निशाना साधा. वैंग यी ने कहा कि कुछ शक्तियां अभी भी शीत युद्ध वाली स्थितियां पैदा करने की कोशिश कर रही है. वैंग ने कहा कि बड़ी शक्तियों का यह रवैया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का खुलेआम उल्लंघन  है. इसके अलावा यह दुनियाभर के बहुपक्षीय तंत्र के अधिकार को भी ठेस पहुंचाता है. 

चीन निभाएगा अपनी जिम्मेदारी 

वैंग ने इस दौरान रूस के साथ चीनी भूमिका क्या होगी इस पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि चीन रणनीतिक सहयोग बनाए रखने बाहरी दबावों का जवाब देने और द्विपक्षीय संबंधों की निरंतर प्रगति को बढ़ावा देने के लिए रूस के साथ काम करने को तैयार है. ब्रिक्स के महत्व पर जोर देते हुए उनका कहना था कि यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों का समूह है. ब्रिक्स देशों का समूह ग्लोबल गवर्नेंस को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाएगा. 

ग्लोबल साउथ की आवाज बनेगा 

उन्होंने पश्चिमी देशों पर आर्थिक मुद्दों के राजनीतिकरण और अत्यधिक सुरक्षाकरण का आरोप भी लगाया. पश्चिम ने रूस और चीन जैसे देशों पर एकतरफा प्रतिबंध भी लगाए इससे उनके सामने राजनीतिक और तकनीकी बाधाएं पैदा हुईं. ब्रिक्श देशों के नए समूह को उन्होंने राजनीतिक लाभ उठाने का भी मैसेज दिया. उन्होंने सदस्य देशों से समूह को नई दिशा में काम करने और बहुपक्षीय सहयोग का आग्रह भी किया. वांग ने कहा कि समूह ने अपनी सदस्य संख्या बढ़ाकर ग्लोबल साउथ की प्रगति के नए द्वार खोले हैं. आज ब्रिक्स देशों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है हमें इसका लाभ उठाने की जरूरत है. 

कौन हैं ब्रिक्स देश? 

ब्रिक्स दुनिया की पांच अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. इसमें भारत, रुस, चीन, साउथ अफ्रीका और ब्राजील शामिल हैं. रूस इस साल समूह की अध्यक्षता कर रहा है. रूस के 1 जनवरी से अध्यक्षता संभालने के बाद इस समूह में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात ब्रिक्स के पूर्ण सदस्य देश के रूप में शामिल हुए हैं. इस समूह की स्थापना साल 2006 में चार देशों ब्राजील,भारत,रूस, और चीन ने की थी. दक्षिण अफ्रीका साल 2010 में इसका नया सदस्य बना तब  इसका नाम बदलकर ब्रिक्स कर दिया गया.