नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत को लेकर तरह-तरह की खबरें तैर रही थीं. एक्स और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर दावा किया जा रहा था कि वे ईरानी हमले में मारे जा चुके हैं. इन अफवाहों को हवा तब मिली जब वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए. अंततः 15 मार्च को नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश के जरिए इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया.
कॉफी के साथ अफवाहों का जवाब रविवार को साझा किए गए वीडियो में नेतन्याहू एक कैफे में कॉफी पीते नजर आए. उन्होंने मजाकिया लहजे में पूछा, 'वे मेरे बारे में क्या कह रहे हैं?'. जब उन्हें बताया गया कि इंटरनेट पर उनके निधन की खबर चल रही है, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, 'मैं तो बस कॉफी के लिए मरा जा रहा हूं.'
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनके पुराने वीडियो को 'एआई-जनरेटेड' बताते हुए दावा किया था कि उनमें छह उंगलियां दिख रही हैं. इसे गलत साबित करने के लिए नेतन्याहू ने कैमरे के सामने हाथ फैलाकर उंगलियां गिनवाईं. उन्होंने दिखाया कि उनके हाथ में सामान्य पांच ही उंगलियां हैं. इस कदम ने उन तमाम साजिशी सिद्धांतों को ध्वस्त कर दिया, जो उन्हें "डिलीटेड" करार दे रहे थे.
नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बात की. उन्होंने कहा कि सरकार, सेना और मोसाद पूरी ताकत से काम कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने गुप्त अभियानों का ब्यौरा नहीं दिया, लेकिन ईरान और लेबनान में जारी गतिविधियों का जिक्र जरूर किया. उन्होंने जनता से सुरक्षित क्षेत्रों में रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की. उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल अपने दुश्मनों के खिलाफ डटा हुआ है.
אומרים שאני מה? צפו >> pic.twitter.com/ijHPkM3ZHZ
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) March 15, 2026
इस वीडियो से पहले कैंडिस ओवेन्स जैसे प्रभावशाली लोगों ने उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए थे. जब पीएमओ ने अफवाहों को फर्जी बताया, तब भी ओवेन्स ने पुख्ता सबूत की मांग की थी. उन्होंने ईरानी नेताओं के पुराने उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा था कि केवल बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इस वीडियो ने उनकी लोकेशन की पुष्टि करते हुए सभी संदेहों को खत्म कर दिया है.
वीडियो के अंत में नेतन्याहू ने बरिस्ता को बेहतरीन कॉफी के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन मजाक में कैलोरी को लेकर चिंता भी जताई. यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय तनाव चरम पर है. इस संवाद के माध्यम से नेतन्याहू ने दिखाया कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी पूरी तरह सक्रिय हैं. यह स्पष्ट है कि वे न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि शासन पर उनकी पकड़ मजबूत है.