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India Daily

'एपस्टीन नेटवर्क' रचेगा अमेरिका में 9/11 जैसी तबाही? ईरान के दावे से मची खलबली!

ईरान ने दावा किया है कि एपस्टीन नेटवर्क के सदस्य अमेरिका में 9/11 जैसा हमला कर सकते हैं. इसका मकसद ईरान को फंसाना है. यह बयान पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव और बमबारी के बीच आया है.

KanhaiyaaZee
'एपस्टीन नेटवर्क' रचेगा अमेरिका में 9/11 जैसी तबाही? ईरान के दावे से मची खलबली!
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में युद्ध की आग शांत होने का नाम नहीं ले रही है. इसी बीच ईरान ने एक चौंकाने वाला दावा कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. तेहरान के मुताबिक, अमेरिका के भीतर ही एक बड़ी साजिश रची जा रही है, जिसका उद्देश्य ईरान को वैश्विक स्तर पर दोषी ठहराना है. इस दावे ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया है, बल्कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विवादित फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन के संबंधों को भी फिर से चर्चा में ला दिया है.

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर के करीबी सलाहकार अली लारिजानी ने सोशल मीडिया पर इस गंभीर खतरे की ओर इशारा किया है. उन्होंने कहा कि एपस्टीन नेटवर्क के बचे हुए लोग 9/11 जैसी तबाही मचाने की फिराक में हैं. लारिजानी का मानना है कि इस हमले का ठीकरा ईरान पर फोड़ने की पूरी तैयारी है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का अमेरिकी जनता से कोई बैर नहीं है और वे किसी भी आतंकवादी षडयंत्र के खिलाफ हैं.

ट्रंप और एपस्टीन का कनेक्शन 

युद्ध की शुरुआत से ही लारिजानी लगातार डोनाल्ड ट्रंप को निशाने पर ले रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रंप और एपस्टीन के बीच गहरे संबंध रहे हैं. कुद्स परेड के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि ईरानी नेता जहां आम जनता के बीच रहते हैं, वहीं अमेरिकी नेतृत्व एपस्टीन जैसे विवादित द्वीपों पर वक्त बिताता है. ट्रंप के नाम का एपस्टीन की फाइलों में बार-बार आना इस विवाद को और हवा दे रहा है.

ध्यान भटकाने की रणनीति? 

विपक्षी दलों और जानकारों का एक धड़ा यह भी मानता है कि ईरान और वेनेजुएला पर बढ़ते हमले महज एक युद्ध नहीं, बल्कि एक सोची-समझी चाल है. उनका आरोप है कि ट्रंप एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी जांच और जनता के आक्रोश को भटकाने के लिए विदेशी मोर्चों पर जंग छेड़ रहे हैं. यह रणनीति घरेलू स्तर पर उठ रहे सवालों को दबाने और अपनी छवि सुधारने की एक कोशिश के रूप में देखी जा रही है.

जांच रिपोर्ट के बड़े खुलासे 

जेफ्री एपस्टीन की मौत के बाद उसकी फाइलों से जुड़े राज धीरे-धीरे बेनकाब हो रहे हैं. अमेरिकी खुफिया विभाग की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने से कई दिग्गजों की नींद उड़ गई है. इस सूची में बिल क्लिंटन, बिल गेट्स और प्रिंस एंड्रयू जैसे प्रभावशाली नाम शामिल हैं. इन खुलासों ने अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान के भीतर एक बड़े संकट को जन्म दे दिया है, जिससे ध्यान हटाने के लिए युद्ध को एक हथियार बनाया जा रहा है.

लारिजानी का बढ़ता कद 

अली लारिजानी ईरान की सत्ता संरचना में एक अत्यंत प्रभावशाली व्यक्ति बन गए हैं. पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने अपने अंतिम समय में उन्हें सैन्य और प्रशासनिक मोर्चे पर बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी थीं. लारिजानी ने न केवल घरेलू विद्रोहों को सख्ती से कुचला, बल्कि अब वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की आवाज बनकर उभरे हैं. पश्चिम एशिया में जारी बमबारी के बीच उनकी यह चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.