बेरूत में इजरायली हमले में मारा गया हिज्बुल्लाह का टॉप कमांडर, कई अन्य घायल

इजरायल ने बेरूत में हिज़्बुल्लाह के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ हेथम तब्ताबाई को मार गिराया. हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत और 28 घायल हुए. लेबनान सरकार ने हमले की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: लेबनान की राजधानी बेरूत पर महीनों बाद हुए हमले में इजरायल ने दावा किया है कि उसने हिज्बुल्लाह के टॉप कमांडर और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, हेथम तब्ताबाई को मार गिराया. यह हमला जून के बाद पहली बार बेरूत में किया गया. इजरायली सेना के बयान के अनुसार, उन्होंने चरमपंथी तब्ताबाई को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में निशाना बनाया.

हताहतों की जानकारी

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए और 28 अन्य घायल हुए. मौके पर धुएं का गुब्बार देखा गया और सड़क पर मलबा फैल गया. इस हमले ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच एक साल पहले हुए युद्ध के बाद यह पहला बड़ा हमला माना जा रहा है.

इजरायल की चेतावनी

इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि उनकी सेना उत्तरी इजरायल और राज्य के नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई करती रहेगी. सरकारी प्रवक्ता शोश बेडरोसियन ने कहा कि इजरायल स्वतंत्र रूप से निर्णय लेता है और इस हमले में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं थी.

तब्ताबाई की पृष्ठभूमि

हेथम तब्ताबाई को साल 2016 में अमेरिका ने आतंकवादी घोषित किया था. उन्हें हिज्बुल्लाह की स्पेशल फोर्स का लीडर माना जाता था, जिसने सीरिया और यमन में संगठन के अभियानों का संचालन किया. अमेरिका ने उनके बारे में जानकारी देने के लिए $5 मिलियन का पुरस्कार भी रखा था. तब्ताबाई, इब्राहिम अकील के उत्तराधिकारी थे, जिन्हें सितंबर 2024 में इजरायली हमलों में मार दिया गया था.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इजरायल पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वे लेबनान और उसके नागरिकों पर हमलों को रोकने के लिए सख्ती से हस्तक्षेप करें.

क्षेत्रीय प्रभाव

यह हमला लेबनान में हिज्बुल्लाह की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय निगाह को बढ़ा सकता है और व्यापक संघर्ष की आशंका को जन्म दे सकता है. इजरायल की कार्रवाई पोप लियो 14वें के लेबनान दौरे से कुछ दिन पहले हुई, जिससे राजनीतिक और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर तनाव बढ़ गया है. इस घटना ने एक बार फिर मध्य पूर्व की नाजुक स्थिति और हिज़्बुल्लाह तथा इजरायल के बीच तनावपूर्ण संबंधों को उजागर किया है.