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India Daily

पहले भीड़ ने जलाया फिर....बांग्लादेश में एक और हिंदू की दर्दनाक हत्या; पिछले तीन हफ्तों में चौथा मामला

बांग्लादेश में 50 वर्षीय व्यवसायी खोकोन दास की भीड़ द्वारा जलाए जाने के बाद गंभीर चोटों के चलते मौत हो गई है. यह घटना हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय पर लक्षित हमलों की बढ़ती श्रृंखला की चौथी दुखद कड़ी है.

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Edited By: Reepu Kumari
पहले भीड़ ने जलाया फिर....बांग्लादेश में एक और हिंदू की दर्दनाक हत्या; पिछले तीन हफ्तों में चौथा मामला
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: बांग्लादेश में सांप्रदायिक तनाव एक बार फिर भयावह रूप लेता नजर आया है. 50 वर्षीय हिंदू व्यवसायी खोकोन दास को कथित रूप से कट्टरपंथी भीड़ ने घेरकर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी. 31 दिसंबर की इस भयावह घटना के कुछ दिनों बाद पिछले शुक्रवार सुबह दास ने अस्पताल में अपनी चोटों के चलते दम तोड़ दिया. यह मामले की गंभीरता को दर्शाता है क्योंकि पिछले तीन हफ्तों में यह चौथा ऐसा हमला है.

दास ढाका के शेख हसीना राष्ट्रीय बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी संस्थान में इलाजरत थे, लेकिन गंभीर चोटों से उबर नहीं पाए. घटना के समय वह घर लौट रहे थे जब भीड़ ने उन्हें कोनेश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार के पास घेर लिया. उन्होंने बचने की कोशिश में शरियतपुर जिले के एक तालाब में छलांग भी लगाई थी, लेकिन गंभीर जलने की वजह से उनका निधन हो गया. इस हत्या से इलाके में तनाव और बढ़ गया है.

तालाब में कूदकर वह भागने में कामयाब

31 दिसंबर को हुए हमले में वह बुरी तरह जल गया था, लेकिन शरियतपुर जिले के एक तालाब में कूदकर वह भागने में कामयाब रहा. इस हत्या से व्याकुल होकर दास के परिवारवालों ने इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. उनके परिवार के एक सदस्य ने इंडिया टीवी को बताया, 'खोकोन दास का निधन सुबह 7:20 बजे (स्थानीय समय) हुआ. हम इस जघन्य कृत्य में शामिल दोषियों के खिलाफ मौत की सजा की मांग करते हैं.'

खबरों के मुताबिक, एक हिंसक भीड़ ने एक हिंदू व्यक्ति पर हमला कर उसे आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना देश में अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की एक और भयावह घटना है. यह घटना भारत में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती शत्रुता को लेकर व्याप्त आक्रोश के बीच घटी है, जो अब एक चिंताजनक प्रवृत्ति बन गई है.

हिंदुओं पर बार-बार हमले

इससे पहले, 18 दिसंबर को एक भीड़ ने कपड़ा मजदूर दीपू चंद्र दास को पीट-पीटकर मार डाला, उसके कपड़े उतार दिए और उसके शरीर को आग लगा दी. एक हफ्ते बाद, 24 दिसंबर को, राजबारी कस्बे के पांगशा उपजिला में कथित जबरन वसूली के आरोप में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू व्यक्ति की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.

30 दिसंबर को, मयमनसिंह के भालुका स्थित एक कपड़ा कारखाने में एक सहकर्मी ने शॉटगन का इस्तेमाल करते हुए 42 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी.

भाजपा ने हत्या पर जताया दुख 

इस हत्या ने भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई ने इसे बंगाली हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा बताया है.

X पर एक पोस्ट में, पार्टी ने कहा कि खोकोन दास की मौत बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद हुई है और इसकी तुलना पश्चिम बंगाल में हुई घटनाओं से की, जिनमें मुर्शिदाबाद में 2023 में हुई हरगोबिंदा दास और चंदन दास की हत्याएं शामिल हैं. भाजपा ने आरोप लगाया कि पूरे क्षेत्र में बंगाली हिंदुओं पर हमले लगातार जारी हैं.

 

उस्मान हादी की हत्या और हिंदुओं पर हमले

दिसंबर 2025 में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने बांग्लादेश को राजनीतिक उथल-पुथल में धकेल दिया है, जिससे हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे हैं और फरवरी 2026 के आम चुनावों से पहले भारत विरोधी भावना में वृद्धि हुई है.

हादी की मौत के बाद भारत समर्थक माने जाने वाले प्रमुख समाचार पत्रों के कार्यालयों पर हमले हुए और भारतीय राजनयिक मिशनों के पास घटनाएं हुईं, जिसके चलते भारत को सुरक्षा चिंताओं के कारण बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में वीजा केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा.

जैसे-जैसे देश फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों की ओर बढ़ रहा है, बांग्लादेश 2025 की शुरुआत से ही लंबे समय तक चलने वाली अशांति, सड़क हिंसा और बढ़ते ध्रुवीकरण से चिह्नित एक अत्यधिक तनावपूर्ण राजनीतिक दौर में प्रवेश कर चुका है.