बांग्लादेश के बढ़े तेवर, 'मक्का समझौते' पर फिर दिया बयान; क्या बढ़ेगी भारत की टेंशन?

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए मक्का समझौते को लेकर बांग्लादेश ने एक बार फिर बड़ा संकेत दिया है. ढाका ने कहा है कि इस समझौते में शामिल होने से उसे नए रणनीतिक अवसर मिल सकते हैं.

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Shanu Sharma

बांग्लादेश की ओर से लगातार उकसाने वाले बयान दिए जा रहे हैं. पड़ोसी मुल्क ने एक बार फिर से 'इस्लामिक नाटो' कहे जा रहे मक्का समझौता का हिस्सा बनने का संकेत दिया है. बांग्लादेश ने अपने नए बयान में एक बार फिर से कहा कि इस समझौते में शामिल होने से कोई जोखिम नजर नहीं आ रही है और न ही किसी दूसरे रिश्तों पर कोई फर्क पड़ता दिख रहा है. 

बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने इस समझौते को अनोखा बताया और साथ ही यह उम्मीद भी जताई कि इसमें शामिल होने से बांग्लादेश को नए रणनीतिक अवसर मिल सकते हैं. उन्होंने कहा कि ढाका इस मुद्दे पर अपने साझेदार देशों से चर्चा कर रहा है और जल्द ही इस दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी की जा रही है.

उकसाने वाले बयान दे रहा बांग्लादेश

हुमायूं कबीर ने कहा कि किसी भी समझौते में शामिल होने का यह मतलब नहीं है कि हमें दूसरे देशों के साथ साझेदारी नहीं रख सकते हैं. हालांकि रिपोर्ट की मानें तो बांग्लादेश को इस समझौते में शामिल होने के लिए अभी तक कोई भी औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है लेकिन फिर भी लगातार इस तरह के बयान देकर भारत को उकसाने की कोशिश की जा रही है.


बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान ने इसे मुस्लिम परिवार का आंतरिक मामला तक बता दिया था. जिन्हें नहीं मालूम उन्हें बता दें कि 7 अगस्त को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने मक्का में एक खास समझौते पर हस्ताक्षर किया था. जिसके तहत इन तीनों देशों में से किसी भी एक देश पर हुए हमले को तीनों के खिलाफ माना जाएगा. साथ ही तीनों देश अगर चाहें तो अपने रक्षा तकनीकें को भी साझा कर सकते हैं. इस पैक्ट को इस्लामिक नाटो भी कहा जा रहा है.

भारत के लिए क्यों महंगा साबित हो सकता है समझौता?

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच मुस्लिम देश अपनी सुरक्षा के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं. इसी को देखते हुए यह समझौता किया गया है. हालांकि भारत के लिए यह समझौता महंगा साबित हो सकता है. क्योंकि इस समझौते में पहले से ही पाकिस्तान शामिल है, अगर दूसरी ओर से बांग्लादेश भी इसमें शामिल होता है तो भारत के लिए तनाव बढ़ सकता है. क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा को लेकर तनाव रहता है, ऐसे में इस समझौते में बांग्लादेश का शामिल होना पाकिस्तान के लिए मददगार साबित हो सकता है. हालांकि भारत की ओर से कहा गया है कि इस घटनाक्रम पर करीब से नजर रखी जा रही है.