क्या गिरने वाली है बांग्लादेश की यूनुस सरकार? छात्र नेताओं पर हमले से उबाल; हादी के संगठन ने दी ये बड़ी चेतावनी
बांग्लादेश में छात्र नेताओं पर लगातार हो रहे हमलों से अंतरिम सरकार पर संकट गहराता जा रहा है. इंकलाब मंच ने हादी की हत्या के बाद यूनुस सरकार को हटाने की चेतावनी दी है.
नई दिल्ली: बांग्लादेश में राजनीतिक हालात तेजी से अस्थिर होते नजर आ रहे हैं और अंतरिम सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है. मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को हटाने की चेतावनी खुले तौर पर दी गई है. इस चेतावनी के पीछे छात्र आंदोलन से जुड़े संगठन इंकलाब मंच का नाम सामने आया है.
संगठन के प्रभावशाली युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. सोमवार को दक्षिण पश्चिमी शहर खुलना में अज्ञात बंदूकधारियों ने छात्र आंदोलन के नेता मोहम्मद मोतालेब सिकदर को गोली मार दी. बताया गया कि हमलावरों ने सिकदर के सिर को निशाना बनाया.
Also Read
- जापान शुरू करने जा रहा दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र, 2011 के फुकुशिमा हादसे के बाद हुआ था बंद
- चीन के इस शहर में GPS ने काम करना किया बंद, क्या है नेविगेशन ब्लैकआउट और भारत के लिए क्या है सबक?
- पहले सैन्य समझौता फिर मुनीर को सर्वोच्च सम्मान, आखिर पाकिस्तान पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहा सऊदी अरब?
कौन है मोतालेब सिकदर?
घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. यह हमला हादी की मौत के कुछ ही दिनों बाद हुआ है. एनसीपी की संयुक्त प्रधान समन्वयक महमूदा मितु ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस हमले की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि मोतालेब सिकदर पार्टी के वरिष्ठ नेता और छात्र आंदोलन के अहम चेहरे हैं. इस हमले के बाद छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
इंकलाब मंच ने क्या दिया था अल्टीमेटम?
इंकलाब मंच ने हादी की हत्या को लेकर सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. संगठन का आरोप है कि तय समय सीमा में पुलिस और गृह मंत्रालय ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. इंकलाब मंच के पदाधिकारी अब्दुल्ला अल जाबर ने कहा कि डेडलाइन बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई.
क्या लगाया आरोप?
उन्होंने आरोप लगाया कि गृह सलाहकार और उनके विशेष सचिव की गैरमौजूदगी ने संदेह को और गहरा किया. उनका कहना है कि सरकार इस गंभीर मामले को हल्के में दिखाने की कोशिश कर रही है. इसी कारण ढाका में बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई.
इंकलाब मंच ने साफ कहा है कि प्रदर्शन के दौरान यह फैसला लिया जाएगा कि यूनुस सरकार का समर्थन जारी रखा जाए या नहीं. संगठन ने यह भी संकेत दिया है कि जरूरत पड़ी तो सरकार को हटाने के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा.
क्या है पूरा मामला?
शरीफ उस्मान हादी पर पहले हमला हुआ था और बाद में इलाज के दौरान सिंगापुर में उनकी मौत हो गई. यूनुस सरकार ने हादी की मौत पर राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी. सरकार ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को पकड़ा जाएगा और सख्त कार्रवाई होगी. हालांकि लगातार हो रहे हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था और सरकार की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.