'एक और युद्ध की तैयारी कर रहा भारत', पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का बड़ा दावा
जरदारी ने भारत को संदेश देते हुए कहा कि दोनों देशों को युद्ध जैसे माहौल से बाहर निकलकर सार्थक बातचीत की मेज पर आना चाहिए.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दावा किया है कि भारत एक और युद्ध की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि भारत के नेता खुले तौर पर युद्ध जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय माहौल तनावपूर्ण बन रहा है. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे हमेशा शांति और बातचीत के पक्षधर रहे हैं और किसी भी तरह के सैन्य टकराव की सिफारिश नहीं करेंगे.
बातचीत को बताया एकमात्र रास्ता
जरदारी ने भारत को संदेश देते हुए कहा कि दोनों देशों को युद्ध जैसे माहौल से बाहर निकलकर सार्थक बातचीत की मेज पर आना चाहिए. उनके अनुसार दक्षिण एशिया में स्थिरता और शांति के लिए संवाद ही सबसे कारगर रास्ता है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई मोर्चों पर तनाव बढ़ा हुआ है और दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं.
अफगानिस्तान को लेकर भी सख्त रुख
संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए पाक राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि सीमा पार से होने वाले हमलों को लेकर पाकिस्तान की सहनशीलता की सीमा अब खत्म हो चुकी है. जरदारी ने आरोप लगाया कि अफगान भूमि का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकी संगठनों द्वारा किया जा रहा है, जो क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी पड़ोसी क्षेत्र से पाकिस्तान की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
ईरान पर हमलों की निंदा
जरदारी ने मध्य-पूर्व की स्थिति पर भी प्रतिक्रिया दी और ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना की. उन्होंने ईरान की संप्रभुता के समर्थन की बात कही और वहां के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संघर्षों से पूरे इलाके की स्थिरता प्रभावित होती है और ऐसे कदमों से बचना चाहिए.
गिलगित-बाल्टिस्तान में सुरक्षा सख्त
ईरान में हालिया घटनाओं के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. स्कर्दू इलाके में सेना तैनात कर तीन दिन का कर्फ्यू लगाया गया है, ताकि संभावित विरोध प्रदर्शनों और अशांति को रोका जा सके. इसी दौरान पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर झड़पों की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं.
बढ़ते तनाव के बीच शांति की अपील
कुल मिलाकर जरदारी का बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण एशिया और मध्य-पूर्व दोनों क्षेत्रों में अस्थिरता बढ़ रही है. उन्होंने युद्ध की आशंका जताने के साथ-साथ भारत से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की है. विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में क्षेत्रीय देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत और सहयोग ही तनाव कम करने का रास्ता बन सकता है.