भारत की चेतावनी से घबराया बांग्लादेश, संयुक्त राष्ट्र में हिंदू नेता की गिरफ्तारी पर मारी पलटी

Bangladesh Violence: बांग्लादेश के भीतर हिंदू संतों की गिरफ्तारी को लेकर बांग्लादेश के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र में जवाब दिया है. तारिक़ मोहम्मद अरिफुल इस्लाम ने कहा कि बांग्लादेश के भीतर हिंदुओं पर कोई व्यवस्थित हमला नहीं हुआ है. इस्कॉन भिक्षु को विशेष आरोपों पर गिरफ्तार किया गया है. 

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Kamal Kumar Mishra

Bangladesh Violence: इस्कॉन के पूर्व सदस्य एवं हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास को सोमवार को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया. इसके बाद अन्य दो हिंदू नेताओं को बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया. इस मसले पर बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र में अपना पक्ष रखा है. बांग्लादेश के राजदूत ने कहा कि ढाका में एक हिंदू नेता की गिरफ्तारी को "गलत समझा" गया. 

दरअसल, मंगलवार को चटगांव की छठी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने राजद्रोह के मामले में चिन्मय कृष्ण दास को जमानत देने से इनकार कर दिया और जेल भेज दिया. इस पर संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि तारिक़ मोहम्मद अरिफुल इस्लाम ने कहा- "हम इस बात से बेहद निराश हैं कि चिन्मय दास की गिरफ़्तारी को कुछ वक्ताओं ने ग़लत तरीक़े से पेश किया. जबकि उन्हें वास्तव में कुछ ख़ास आरोपों के तहत गिरफ़्तार किया गया था. इस मामले को हमारी अदालत में निपटाया जा रहा है."

बांग्लादेशी संस्था ने उठाया मुद्दा

चिन्मय दास की गिरफ्तारी की बाद पूरे बांग्लादेश में जमकर प्रदर्शन हुआ. ढाका और चटगांव सहित कई स्थानों पर हिंदुओं ने विरोध भारी विरोध जताया. इस मामले को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी गहरी चिंता व्यक्त की, क्योंकि इन मामलों से दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक विवाद बढ़ रहा है. इंटरनेशनल फोरम फॉर सेक्युलर बांग्लादेश (IFSB) के एक प्रतिनिधि ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वर्तमान स्थिति को "बहुत चिंताजनक" और "ज्वलंत मुद्दा" बताया. कृष्ण दास की गिरफ़्तारी का ज़िक्र करते हुए, प्रतिनिधि ने कहा कि इस्कॉन एक शांतिपूर्ण संगठन है और आरोप लगाया कि दास को बिना किसी आरोप के हिरासत में लिया गया. इसके  साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस और सेना के जवान रोज़ाना अल्पसंख्यक समुदाय को प्रताड़ित कर रहे हैं.

बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं

बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से हिंदुओं पर अत्याचार चरम पर है. इस बीच कई हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ भी की गई. इस्कॉन पर बैन लगाने के लिए बांग्लादेश की सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की. फिलहाल, कोर्ट ने सरकार की तरफ से दायर याचिका को निरस्त कर दिया. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा के खिलाफ, पूरी दुनिया से आवाज उठ रही है. देश के मुखिया मोहम्मद यूनुस लगातार कहते नजर आते हैं कि बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित हैं, लेकिन आए दिन हिंदुओं के साथ बड़ी घटनाएं हो रही हैं.