Balochistan Train Hijack: पाकिस्तानी ट्रेन हाईजैक में भारत का हाथ! शहबाज़ सरकार की नई चाल

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जाफर एक्सप्रेस अपहरण कांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब इस घटना ने नया मोड़ ले लिया है. शाहबाज शरीफ सरकार ने पहले अफगानिस्तान और अब भारत को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

Anubhaw Mani Tripathi

Balochistan Train Hijack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जाफर एक्सप्रेस अपहरण कांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब इस घटना ने नया मोड़ ले लिया है. शाहबाज शरीफ सरकार ने पहले अफगानिस्तान और अब भारत को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

11 मार्च को हुई इस घटना में बलूच विद्रोहियों ने 450 यात्रियों को ले जा रही ट्रेन पर कब्जा कर लिया था. इस हादसे में 37 पाकिस्तानी सैनिकों समेत 58 लोगों की जान चली गई थी. इस दौरान 21 यात्रियों की भी जान चली गई थी.

हाईजैक का भयावह मंजर 

दरअसल, क्वेटा से पेशावर की ओर जा रही जाफर एक्सप्रेस के रेलवे ट्रैक को बलूच लड़ाकों ने विस्फोट से उड़ा दिया और फिर ट्रेन पर हमला कर दिया. इस हमले में यात्रियों के साथ - साथ सुरक्षाकर्मियों को भी निशाना बनाया गया. इस हादसे में 50 से ज्यादा लोग मारे गए. हालांकि यह आंकड़ा विवादास्पद बना हुआ है.

बलूच विद्रोहियों के सामने कमजोर पड़ रही शाहबाज सरकार ने इस घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की. पहले इस घटना के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया गया और अब शाहबाज ने कहा है कि इसमें भारत का हाथ है. शाहबाज सरकार ने कहा है कि इस घटना के पीछे भारत का हाथ है.

शाहबाज सरकार ने कहा है कि भारत बलूच विद्रोहियों का समर्थन कर रहा है, हालांकि उन्होंने इस बात को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है. सरकार की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तानी सेना ने हमले को खत्म करने का दावा किया है.

2024 में आतंकवाद का बढ़ा ग्राफ

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में 2024 में आतंकवाद से जुड़ी मौतों में 45% की भारी बढ़ोतरी हुई. 2023 में जहां यह संख्या 748 थी, वहीं 2024 में यह बढ़कर 1,081 हो गई. यह वृद्धि वैश्विक स्तर पर सबसे तेज बढ़ोतरी में से एक है, जिसके चलते पाकिस्तान आतंकवाद प्रभावित देशों की सूची में चौथे से दूसरे स्थान पर पहुंच गया. 

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि टीटीपी द्वारा किए गए हमलों की संख्या 2024 में अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जबकि इस समूह के कारण होने वाली मौतें 2011 के बाद सबसे ज्यादा रहीं. 

ये इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित

बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा, जो अफगानिस्तान से सटी सीमाओं वाले प्रांत हैं, आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. 2024 में पाकिस्तान में हुए 96% से अधिक आतंकी हमले और मौतें इन्हीं दो प्रांतों में दर्ज की गईं.  6 मार्च को उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के बन्नू में मुख्य छावनी की बाहरी दीवार पर दो विस्फोटक से लदे वाहनों ने टक्कर मार दी थी. इस हमले में नौ लोग मारे गए और 16 घायल हो गए. सेना के जवानों ने जवाबी कार्रवाई में कम से कम छह आतंकियों को ढेर कर दिया था.