इजरायल और अमेरिका द्वारा किए जा रहे हमले के बीच ईरान की एक्सपर्ट्स असेंबली ने अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश की जिम्मेदारी सौंप दी है. सुप्रीम लीडर बनने के तुरंत बाद उन्होंने अपना पहला मिसाइल इजरायल की ओर छोड़ दिया है.
सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि यह हमला सोमवार को हुआ. साथ ही यह भी दावा किया गया कि देश अब युद्ध की स्थिति में है. ईरान द्वारा यह हमला मोजतबा को सुप्रीम लीडर नियुक्त किए जाने के कुछ देर बाद की गई.
ईरानी स्टेट टीवी IRIB ने अपने टेलीग्राम चैनल पर घोषणा की. जिसमें कहा गया कि अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने कब्जे वाले इलाकों पर मिसाइलों की पहली खेप दागी. इसके साथ एक प्रोजेक्टाइल की तस्वीर भी पोस्ट की गई. जिसपर लिखा था कि एट योर कमांड, सैय्यद मोजतबा. यह शिया मुस्लिमों का धार्मिक संदर्भ है. मोजतबा खामेनेई को उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके जगह पर चुना गया. जिनकी हत्या अमेरिका-इजराइल के हमलों में हुई थी. इस्लामिक क्रांति के बाद मोजतबा तीसरे सुप्रीम लीडर बनाए गए. हालांकि इस हमले के बाद तुरंत इजराइल में अलर्ट जारी कर दिया गया. मिलिट्री के होम फ्रंट कमांड ने बताया कि उत्तर और मध्य इलाकों में सायरन की आवाज सुनाई दी.
मेडिकल इमरजेंसी सर्विस मैगन डेविड एडोम ने बताया कि एक महिला को उड़ते पत्थर से चोट लगी, हालांकि उन्होंने इसे एक मामूली चोट बताया. IDF ने इस हमले पर अपना बयान जारी करते हुए कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों को रोक रहा है. हालांकि यह हमला क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है. ईरान पहले से ही जवाबी कार्रवाई कर रहा है. नए लीडर के आने से सत्ता में निरंतरता का संकेत है, लेकिन युद्ध तेज हो गया है.
इजरायल और अमेरिका ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं. जिसके कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. इसका असर सभी देशों की आम जनता पर सबसे ज्यादा पड़ रहा हैं. ईरान ने इस हमले से अपने मजबूती का संदेश दिया है. हालांकि डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार ईरान के खिलाफ चेतावनी आ रही है. उन्होंने मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर के रूप में मानने से भी इनकार कर दिया है.