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ईरान पर मोजतबा की हुकूमत, इजरायल-अमेरिका हमले के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे को बनाया गया नया सुप्रीम लीडर

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता का महत्वपूर्ण हस्तांतरण किया गया. खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नए सुप्रीम लीडर के रूप में नियुक्त किया गया है. इस बात की घोषणा ईरानी टीवी द्वारा की गई.

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Edited By: Shanu Sharma
ईरान पर मोजतबा की हुकूमत, इजरायल-अमेरिका हमले के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे को बनाया गया नया सुप्रीम लीडर
Courtesy: X (@MarioNawfal)

अमेरिका, इजरायल मिलकर इस समय ईरान के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं. वहीं इसी बीच ईरान में सत्ता हस्तांतरण किया जा रहा है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद इस पद की जिम्मेदारी उनके ही बेटे मोजतबा खामेनेई को दी गई. ईरानी मीडिया की ओर से सोमवार को इसकी घोषणा कर दी गई. इसका मतलब की अब ईरान पर मोजतबा की हुकूमत
होने वाली है. 

इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में 28 फरवरी 2026 को अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे. इस घटना ने पूरे ईरान को झकझोर दिया, देश युद्ध की स्थिति में चला गया. हालांकि सबसे बड़ी दुविधा ये थी कि इस तनाव के माहौल में इस जंग को लीड कौन करेगा. खामेनेई के पद पर कौन बैठेगा और इसकी जिम्मेदारी लेगा. एक्सपर्ट्स असेंबली को नया लीडर चुनने की जिम्मेदारी मिली. जिसके बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया.

कौन हैं मोजतबा खामेनेई

मोजतबा 56 साल के हैं, हालांकि इससे पहले उन्होंने कोई भी सरकारी पद नहीं संभाली है. उन्हें हमेशा पर्दे के पीछे रहकर काम करने के लिए जाना गया है. हालांकि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से उनके करीबी संबंध बताए जाते हैं. देश की जरूरत को देखते हुए एक्सपर्ट्स असेंबली ने मोजतबा को जबरदस्त वोटों से चुना. ईरान में दो तरह की समस्या चल रही है. एक की अमेरिका और इजरायल जैसे मजबूत देश हमला करने के लिए तैयार बैठे हैं. वहीं देश के कुछ नागरिकों में भी सरकार के खिलाफ गुस्सा है. हालांकि उनके गुस्से को शांत करवाने के लिए असेंबली ने देश से उनके साथ एकजुट होने की अपील की है.

इस्लामिक क्रांति के बाद दूसरी बार बदलाव

इस्लामिक क्रांति के बाद सुप्रीम लीडर का पद केवल दूसरी बार बदला है. नए लीडर के पास अब सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कमान होगी. वे देश के सभी बड़े फैसलों में अंतिम अधिकार रखेंगे. उनके पास ही न्यूक्लियर कार्यक्रम का नियंत्रण होगा. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा की नियुक्ति को खारिज कर दिया है.

उन्होंने साफ कहा कि मुझे खामेनेई का बेटा मंजूर नहीं है. उनका कहना है कि वे ऐसे नेता चाहते हैं जो शांति लाए. उन्होंने यह तक चेतावनी दी है कि उनकी मंजूरी के बिना नया लीडर ज्यादा दिन नहीं टिकेगा. हालांकि ईरान के टॉप सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कहा कि मोजतबा को उनके पिता ने ट्रेनिंग दी है, वे स्थिति संभाल सकते हैं. माहौल और भी ज्यादा गंभीर होता जा रहा है, ऐसे में ईरान के लिए मोजतबा क्या फैसला लेते हैं यह काफी महत्वपूर्ण होने वाला है.