‘ट्रंप के इशारे पर हो रही तबाही...', ईरान में जारी प्रदर्शन के बीच खामेनेई का अमेरिकी राष्ट्रपति पर हमला
ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच अयातुल्ला खामेनेई ने डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोला. उन्होंने आंदोलनकारियों को विदेशी ताकतों का समर्थक बताया और सत्ता के पतन की चेतावनी दी.
नई दिल्ली: ईरान में लगातार तेज हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पहली बार खुलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बरसे हैं. देश के नाम संबोधन में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि घमंड में चूर शासकों का अंत निश्चित होता है. खामेनेई का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पूरे देश में सरकार विरोधी प्रदर्शन फैल चुके हैं और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित भाषण में खामेनेई ने ट्रंप की तुलना इतिहास के तानाशाहों से की. उन्होंने कहा कि फिरौन, निमरूद, रजा शाह और मोहम्मद रजा अपने घमंड के शिखर पर गिराए गए. खामेनेई ने कहा कि ट्रंप को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि उनका अंजाम अलग होगा. उनके अनुसार सत्ता का दुरुपयोग अंततः पतन की ओर ले जाता है.
आंदोलनकारियों पर विदेशी समर्थन का आरोप
खामेनेई ने सड़कों पर उतर रहे प्रदर्शनकारियों पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कुछ लोग दूसरे देश के नेता को खुश करने के लिए विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप था कि ये लोग ईरान की संप्रभुता से ज्यादा बाहरी ताकतों के हितों की चिंता कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप को देश चलाना आता, तो वे अपने देश की समस्याएं सुलझाते.
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इस्लामिक रिपब्लिक झुकेगा नहीं
अपने संबोधन में खामेनेई ने साफ कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा. उन्होंने कहा कि यह शासन हजारों सम्मानित नागरिकों के बलिदान से खड़ा हुआ है. उनके मुताबिक सरकार भाड़े के लोगों और साजिशों से डरने वाली नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि अशांति फैलाने वालों को किसी भी हाल में कामयाबी नहीं मिलेगी.
युद्ध और खून का हवाला
खामेनेई ने जून में हुए इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 12 दिनों के युद्ध में एक हजार से ज्यादा ईरानी नागरिक मारे गए. उनका दावा था कि ट्रंप ने खुद स्वीकार किया है कि ये हमले उनके आदेश पर हुए. खामेनेई ने कहा कि इससे साफ है कि ट्रंप के हाथ ईरानियों के खून से रंगे हैं.
प्रदर्शन तेज, इंटरनेट बंद
ईरान में पिछले 12 दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जो गुरुवार को और उग्र हो गए. सभी 31 प्रांतों में लोग सड़कों पर उतरे. निर्वासन में रह रहे प्रिंस रजा पहलवी ने इन प्रदर्शनों का समर्थन किया है. उनके आह्वान पर तेहरान समेत कई शहरों में नारेबाजी हुई. हालात को देखते हुए सरकार ने देशभर में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन सेवाएं बंद कर दी हैं.