ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को मशहद में दफनाने की तैयारी! इमाम रजा की दरगाह के पास होंगे सुपुर्द ए खाक
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को दफनाने की तैयारी की जा रही है. इस बात की जानकारी खुद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा दी गई है.
इजरायल और अमेरिका के हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर को उनके जन्मस्थान मशहद में दफनाने की तैयारी तेज हो गई है. ईरान के उत्तर-पूर्व में स्थित इस शहर में इमाम रजा की पवित्र दरगाह है, जहां उनके पिता को भी दफनाया गया था. मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, इस शहर को शिया मुसलमानों के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है. जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं.
ईरान में लगभग 40 सालों तक राज करने के बाद खामेनेई की मौत हो गई. उनकी मौत की घोषणा सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की. जिसके बाद ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा भी इसकी पुष्टि कर दी गई. अब उनके अंतिम विदाई की तैयारी की जा रही है.
IRGC ने दी जानकारी
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अपने टेलीग्राम चैनल के माध्यम से बताया कि तेहरान में बड़ी विदाई सेरेमनी की जाएगी. हालांकि दफनाने की तारीख अभी तय नहीं की गई है, लोग अभी भी अपने सुप्रीम लीडर की मौत के शोक से बाहर नहीं आ पाए हैं. लोगों को यह भरोसा नहीं हो रहा कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहे. हालांकि अधिकारियों को फैसले लेने में भी काफी परेशानी आ रही है, क्योंकि खामेनेई के पास रक्षा, अर्थव्यवस्था और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर अंतिम फैसला करने का अधिकार था. उनके जाने के बाद अब इन मुद्दों पर फैसला लेना देश के लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है. इस समय जब पूरी दुनिया में रमजान मनाया जा रहा है, वैसे समय में अपने धर्म गुरु को खोना लोगों के लिए एक बड़ी क्षति के रुप में देखी जा रही है.
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खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में मची तबाही
खामेनेई ने लगभग चार दशकों तक ईरान की राजनीति पर मजबूत नियंत्रण रखा. उन्होंने मध्य पूर्व में ईरान का प्रभाव को बढ़ाने में अपना अहम योगदान दिया. उनके शासन में ईरान ने कई चुनौतियों का सामना किया. हालांकि मौत से पहले कई लोग खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. उनका मानना था कि देश में बढ़ती महंगाई का पूरा श्रेय खामेनेई का है. हालांकि कुछ लोगों ने उनके निधन पर खुशी भी मनाई है, लेकिन अभी माना जा रहा है कि उनकी मौत से ईरान में कई बड़े बदलाव आ सकते हैं. खामेनेई की मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव चरम पर है. मिल रही जानकारी के मुताबिक अब तक इस युद्ध में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. ईरान भी पश्चिम एशिया के देशों पर कहर बरपा रहा है, अमेरिका के हर ठिकानों पर बम बरसाए जा रहे हैं. जिससे तनाव काफी ज्यादा बढ़ चुका है.