पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक नई और खतरनाक चेतावनी जारी की है. तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के बाद अब ईरानी सेना ने अमेरिकी और इजरायली बैंकों और आर्थिक केंद्रों पर सीधे हमले की कसम खाई है. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में पहले से ही सैन्य तनाव अपने चरम पर है. ईरानी बैंक पर हुआ हमला इसका सबसे बड़ा कारण है.
ईरान की सैन्य बलों की केंद्रीय कमान, खतम अल-अनबिया मुख्यालय ने एक औपचारिक बयान जारी कर कहा है कि दुश्मन ने उन्हें अमेरिका और इजरायल के आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाने की "खुली छूट" दे दी है. सरकारी मीडिया के अनुसार, यह कदम तेहरान स्थित एक ईरानी बैंकिंग सुविधा पर हुए हमले के जवाब में उठाया गया है.
इस हमले के लिए ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हवाई हमले में कई बैंक कर्मचारी मारे गए थे, हालांकि मृतकों की संख्या या नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि कि पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी और इजरायली आर्थिक और बैंकिंग केंद्र अब ईरान के लक्ष्य हैं. उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षा के मद्देनजर ऐसे प्रतिष्ठानों से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखने की सलाह दी है. इस धमकी ने खाड़ी क्षेत्र के वित्तीय केंद्रों में हड़कंप मचा दिया है.
इस चेतावनी के बाद दुबई पर सबसे अधिक संकट नजर आ रहा है. इसके अलावा संभावित हमलों के दायरे में सऊदी अरामको और बहरीन के वित्तीय जिले भी हैं. ईरान तेल के बाद अब बैंकिंग सेक्टर को निशाना बनाकर अमेरिका और इजरायल पर अपने हमले रोकने का दबाव डालना चाहता है
ईरान की ओर से यह बयान ऐसे वक्त आया है जब उसने फारस की खाड़ी में अपने सैन्य अभियान तेज कर दिए हैं. हाल ही में ईरानी ड्रोन ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हमला कर कई लोगों को घायल कर दिया था. वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज को मिसाइल से निशाना बनाया गया, जिससे जहाज में आग लग गई और चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा. कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में आठ ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने शायबा तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे ड्रोन और अमेरिकी-सऊदी सैन्य अड्डे प्रिंस सुल्तान बेस पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने की बात कही है.