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आसिम मुनीर का नया चक्रव्यूह: थल से साइबर तक पाकिस्तान की नई चाल, भारत के पास क्या है काट?

मुनीर पहले से पाकिस्तान आर्मी के चीफ हैं. अब वे चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज यानी सीडीएफ का पद भी संभाल रहे हैं. यह नया कानून उन्हें प्रधानमंत्री का मुख्य सैन्य सलाहकार बनाता है. साथ ही तीनों सेनाओं पर ऑपरेशनल कमांड का अधिकार भी देता है.

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पाकिस्तान की संसद ने 20 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण कानून पास किया है. डिफेंस फोर्सेज ऑफ पाकिस्तान एक्ट 2026 के जरिए सेना, नौसेना और वायुसेना को एक केंद्रीय कमांड के नीचे ला दिया गया है. इस कमांड की कमान फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के हाथ में है.

थल, नभ, जल और साइबर...चारों मोर्चों पर आसिम मुनीर की घेराबंदी

मुनीर पहले से पाकिस्तान आर्मी के चीफ हैं. अब वे चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज यानी सीडीएफ का पद भी संभाल रहे हैं. यह नया कानून उन्हें प्रधानमंत्री का मुख्य सैन्य सलाहकार बनाता है. साथ ही तीनों सेनाओं पर ऑपरेशनल कमांड का अधिकार भी देता है. पहले चेयरमैन ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का पद था, जिसे खत्म कर सीडीएफ का नया पद बनाया गया था. मुनीर को दिसंबर 2025 में पहला सीडीएफ नियुक्त किया गया था.

भारत कैसे देगा जवाब?

नए कानून के तहत डिफेंस फोर्सेज हेडक्वार्टर बनाया गया है. यह सीडीएफ के अधीन काम करेगा. थल, नभ, जल के साथ साइबर और रणनीतिक क्षेत्रों में समन्वय की जिम्मेदारी मुनीर पर है. अब तीनों सेनाएं अलग-अलग नहीं बल्कि एक ही कमांड सिस्टम में काम करेंगी.


सिर्फ बॉर्डर नहीं, अब साइबर तक जंग!

मुनीर को सैन्यकर्मियों के मामलों में भी बड़ी ताकत मिली है. वे अधिकारियों को रिटायर कर सकते हैं, सेवा में रख सकते हैं या सेवा शर्तों में बदलाव कर सकते हैं. संघीय सरकार उन्हें और अधिकार भी दे सकती है. इससे सैन्य नियुक्तियों और पदानुक्रम पर उनका नियंत्रण मजबूत हो गया है.

भारत के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है. सैन्य ताकत अब एक व्यक्ति के हाथ में सिमट गई है. शांति और संकट दोनों स्थितियों में सलाहकार और कार्यकारी भूमिका मुनीर के पास है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को इस केंद्रीकृत ढांचे का गंभीरता से आकलन करना होगा. पाकिस्तान की सैन्य रणनीति अब ज्यादा एकीकृत हो सकती है.

यह कानून पाकिस्तान की आंतरिक सत्ता संरचना को भी बदल रहा है. सेना की भूमिका और मजबूत हुई है. भारत को सीमा सुरक्षा, साइबर तैयारियों और रणनीतिक निगरानी पर ध्यान बढ़ाने की जरूरत है. आसिम मुनीर के इस नए चक्रव्यूह को समझकर ही भारत अपनी सुरक्षा को मजबूत रख सकता है.