‘पाकिस्तानी हिंदू भारत नहीं, हमारे साथ रहना पसंद करेंगे’, राष्ट्रपति जरदारी का विवादित दावा

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत और अखंड भारत की विचारधारा पर टिप्पणी की. उन्होंने पाकिस्तान के हिंदुओं को लेकर विवादित दावा किया.

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Sagar Bhardwaj

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत और पाकिस्तान के बीच वैचारिक अंतर को लेकर बयान दिया. उन्होंने दावा किया कि भारत में ‘अखंड भारत’ की सोच है, जबकि पाकिस्तान खुद को मुस्लिम राष्ट्र के रूप में देखता है. जरदारी ने पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वे भारत जाने के बजाय पाकिस्तान में रहना पसंद करेंगे.

पाकिस्तान के हिंदुओं पर क्या बोले

जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू समुदाय को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है. उन्होंने पाकिस्तान की करीब चार प्रतिशत हिंदू आबादी का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां के हिंदू भारत की तुलना में पाकिस्तान में रहना पसंद करेंगे. हालांकि, यह राष्ट्रपति का राजनीतिक दावा है और उन्होंने इसके समर्थन में कोई सर्वेक्षण या ठोस आंकड़ा पेश नहीं किया.


स्वतंत्रता दिवस पर नेतृत्व का संदेश

पाकिस्तान ने 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया. इस दौरान देश के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ने राष्ट्रीय एकता, शांति और आर्थिक विकास पर जोर दिया. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता और शांति का पक्षधर है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए. उन्होंने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की बात भी दोहराई.

भारत-पाक तनाव और जल समझौता

शहबाज शरीफ ने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव का भी जिक्र किया. उन्होंने सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर एकतरफा कदम उठाने का आरोप लगाया और पाकिस्तान के जल अधिकारों को राष्ट्रीय हित से जोड़ा. भारत ने 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित किया था. पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी.

कश्मीर और क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने अफगानिस्तान से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि उसकी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के लिए न हो. इसके अलावा उन्होंने सऊदी अरब और तुर्किये के साथ पाकिस्तान के रक्षा सहयोग को क्षेत्र में देश की बढ़ती भूमिका से जोड़कर पेश किया.

सीजफायर पर ट्रंप का जिक्र

शहबाज शरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान युद्धविराम कराने में भूमिका के लिए धन्यवाद दिया. हालांकि, भारत तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को स्पष्ट रूप से खारिज करता रहा है. जरदारी ने भी अपने संदेश में पाकिस्तान की सेना की प्रशंसा की और पिछले संघर्ष में भारत को जवाब देने का दावा किया.