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India Daily

रूस के न्यूक्लियर डिफेंस हेड को बम से उड़ाकर पुतिन को किसने दी चेतावनी? मॉस्को में मौत के तांडव से पश्चिमी देशों के उड़े होश

Head of Russia nuclear defense forces killed in explosion in Moscow: यह हमला रूस के अधिकारियों पर होने वाला पहला हमला नहीं है. 9 दिसंबर को डोनेट्स्क, जो कि रूस के कब्जे में है, में एक कार के नीचे बम रखा गया था. यह हमला ओलेनिवका जेल के प्रमुख, सर्गेई येव्स्युकोव को निशाना बनाने के लिए किया गया था.

Gyanendra Tiwari
रूस के न्यूक्लियर डिफेंस हेड को बम से उड़ाकर पुतिन को किसने दी चेतावनी? मॉस्को में मौत के तांडव से पश्चिमी देशों के उड़े होश
Courtesy: Social Media

Head of Russia nuclear defense forces killed in explosion in Moscow: मास्को में मंगलवार तड़के एक विस्फोटक उपकरण के द्वारा रूस के परमाणु और रासायनिक बलों के प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरीलोव, की हत्या कर दी गई. यह विस्फोट एक अपार्टमेंट बिल्डिंग के पास हुआ और इसके कारण किरीलोव और उनके सहायक की मौत हो गई. रूस की जांच एजेंसी ने इस विस्फोट को एक आतंकवादी हमला बताते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है. इस हत्या के पीछे की जिम्मेदारी यूक्रेन के सिक्योरिटी सर्विस ने ली है. उसने दावा किया है कि इस घटना को उन्होंने ही अंजाम दिया है. वहीं, इस हत्याके बाद व्लादिमीर पुतिन ने अपने फोर्स को अलर्ट पर रहने को कहा है. इस खबर ने यूक्रेन ही नहीं पश्चिमी देशों की भी नींद उड़ा दी है. 

रूसी जांच समिति के अनुसार, बम एक स्कूटर के पास रखा गया था और इसे रिमोट कंट्रोल से सक्रिय किया गया. विस्फोट की ताकत लगभग 300 ग्राम टीएनटी के बराबर थी. राज्य द्वारा संचालित समाचार एजेंसी तास ने आपातकालीन सेवाओं के अनाम सूत्रों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी. विस्फोट के बाद घटनास्थल से जो फुटेज सामने आए, उनमें टूटी हुई खिड़कियाँ और जलने से काले हो चुके दीवारों का दृश्य था.

इगोर किरीलोव को अप्रैल 2017 में रूस के परमाणु और रासायनिक रक्षा बलों का प्रमुख नियुक्त किया गया था. वह यूक्रेन युद्ध में अपनी भूमिका को लेकर कई देशों द्वारा प्रतिबंधित किए गए थे, जिनमें यू.के. और कनाडा शामिल हैं. रूस के परमाणु रक्षा बलों के प्रमुख के रूप में किरीलोव ने कई महत्वपूर्ण सैन्य निर्णय लिए थे.

यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) ने 16 दिसंबर को इगोर किरीलोव पर प्रतिबंधित रासायनिक हथियारों के उपयोग का आरोप लगाया था, जो रूस के यूक्रेन में आक्रमण के दौरान इस्तेमाल किए गए थे. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी मई में इस बात की पुष्टि की थी कि यूक्रेनी सैनिकों पर क्लोरोपिक्रिन नामक रासायनिक हथियार का उपयोग किया गया था, जो पहली बार विश्व युद्ध 1 में इस्तेमाल हुआ था. SBU ने कहा था कि 2022 के फरवरी से अब तक 4,800 से अधिक रासायनिक हथियारों के हमले दर्ज किए गए हैं.

रूस की जांच समिति के प्रवक्ता, स्वेतलाना पेट्रेंको ने एक बयान में कहा कि घटनास्थल पर जांच, फोरेंसिक विशेषज्ञ और आपातकालीन सेवाएँ काम कर रही हैं. सभी तथ्यों को समझने के लिए जांच और खोजी कार्य जारी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले को एक आतंकवादी हमला माना जा रहा है.