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भारत आ रहे इजराइली कार्गो शिप पर ईरान ने किया हमला! पेंटागन ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Israeli Ship Drone Attack: गुजरात के तट के पास इजराइल से जुड़े एक व्यापारिक जहाज पर ड्रोन हमला किया था, जिस पर अमेरिका ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस जहाज पर 20 भारतीयों वाला चालक दल सवार था.

Naresh Chaudhary

Israeli Ship Drone Attack: भारत की समुद्री सीमा में इजराइली कार्गो शिप पर ड्रोन हमले में एक ताजा अपडेट सामने आया है. अमेरिकी सेना (US Central Command) ने रविवार को दावा किया है कि एक भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर शिप पर लाल सागर में यमन के हूती विद्रोहियों ने हमला किया था. ड्रोन ईरान से दागा गया था. कहा गया है कि गैबॉन के स्वामित्व वाले टैंकर शिप एमवी साईबाबा ने शुक्रवार को रात 8 बजे (यमन समय) यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से हासिल हमले की रिपोर्ट के बाद किसी के घायल न होने की सूचना दी है. सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत लैबून ने ड्रोन हमले के इमरजेंसी कॉल का जवाब दिया था.

सेंटकॉम ने कहा कि एक अन्य जहाज एमवी ब्लामेनन, जो नॉर्वेजियन ध्वज और स्वामित्व वाला था पर भी हूती विद्रोहियों ने एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन दागे थे, लेकिन वे अपने निशाने चूक गए. इसमें भी किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है. 

दो महीने में हूतियों ने कमर्शियल जहाजों पर किए 15 हमले

एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी लाल सागर में अमेरिकी विध्वंसक जहाजों की ओर बढ़ रहे चार ड्रोनों को मार गिराया था, जो यमन के हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों से लॉन्च किए गए थे. सेंटकॉम ने अपने एक्स पर कहा है कि ये हमले 17 अक्टूबर के बाद से हूती आतंकवादियों की ओर से कमर्शियल शिपिंग पर 14वां और 15वां हमला था. 

इसमें कहा गया है कि यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्रों से दक्षिणी लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन में दो बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी थीं. उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों से किसी भी जहाज के प्रभावित होने की सूचना नहीं है.

अमेरिका ने तीन दिन पहले लॉन्च किया ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्जियन 

यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने पहले बताया था कि यमन के सलीफ से 45 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में एक जहाज के पास एक अनियंत्रित हवाई प्रणाली में विस्फोट हो गया था. अमेरिका ने तीन दिन पहले ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्जियन लॉन्च किया था, जिसमें कहा गया था कि एक दर्जन से ज्यादा देश उस प्रयास में भाग लेने के लिए सहमत हुए हैं, जिसमें यमन के पास लाल सागर के पानी में संयुक्त गश्त शामिल होगी.