अमेरिका की जनता ने ट्रंप को दिखाया आईना, इन मुद्दों पर गिरी रिपब्लिकन पार्टी
अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल किया है.
अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत मिलने से ट्रंप की नीतियों पर सवाल खड़े हो गए हैं. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार बताया है.
हालांकि, चुनाव के बाद सामने आए सर्वे बताते हैं कि अमेरिकी जनता की नाराजगी की वजह केवल युद्ध नहीं था. महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, रोजमर्रा का खर्च और सरकार के कामकाज से असंतोष भी रिपब्लिकन पार्टी की हार के बड़े कारण बने.
ईरान युद्ध बना ट्रंप के लिए मुसीबत
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को सबसे बड़ी वजह बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर कहा कि 2024 में ट्रंप और उन्हें वोट देने वाले कई मतदाताओं ने इस बार डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन किया. वेंस के मुताबिक, युद्ध, महंगाई, अमेरिका फर्स्ट की नीति और इजरायल के साथ रिश्तों जैसे मुद्दों ने मतदाताओं की नाराजगी बढ़ाई.
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वेंस का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप लगातार ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते रहे हैं. दूसरी ओर, वेंस पहले भी विदेशों में लंबे सैन्य अभियानों को लेकर संयम बरतने की वकालत करते रहे हैं. ऐसे में चुनावी हार के बाद उनका बयान ट्रंप से राजनीतिक दूरी बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है. वर्ष 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में वेंस की संभावित दावेदारी को देखते हुए इस बयान के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.
महंगाई और रोजमर्रा के खर्च ने बिगाड़ा खेल
रिपब्लिकन पार्टी की हार का सबसे बड़ा कारण महंगाई और जीवनयापन का बढ़ता खर्च माना जा रहा है. अमेरिका में पेट्रोल-डीजल से लेकर किराने के सामान तक की कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया था. लोगों को उम्मीद थी कि ट्रंप की नीतियों से आर्थिक राहत मिलेगी, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में उन्हें इसका फायदा नजर नहीं आया.
अगस्त में हुए Reuters/Ipsos सर्वे के मुताबिक, 47 फीसदी रजिस्टर्ड मतदाताओं ने रोजमर्रा के खर्च को मिडटर्म चुनाव का सबसे अहम मुद्दा बताया था. वहीं, 71 फीसदी अमेरिकी वयस्कों ने महंगाई और जीवनयापन के खर्च को संभालने के ट्रंप के तरीके पर असंतोष जताया था.
ईरान युद्ध से महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल
ईरान के साथ युद्ध का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों की जेब पर भी पड़ा. युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और अमेरिका में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया.
इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ा. ईंधन की बढ़ती कीमतों ने पहले से महंगाई से परेशान परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दीं. ट्रंप ने अमेरिका फर्स्ट की नीति और विदेशी युद्धों से दूरी बनाने का संदेश दिया था, लेकिन ईरान के साथ लंबा संघर्ष उनके इसी वादे के विपरीत नजर आया.
ट्रंप की अलोकप्रियता पड़ी रिपब्लिकन पार्टी पर भारी
मिडटर्म चुनाव में मतदाताओं ने केवल स्थानीय उम्मीदवारों के कामकाज का आकलन नहीं किया, बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप के दो साल के कार्यकाल पर भी अपना फैसला सुनाया. ट्रंप ने चुनाव प्रचार में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए खुलकर प्रचार किया था. लेकिन महंगाई, रोजगार और ईरान युद्ध जैसे मुद्दों पर उनकी सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष का नुकसान पार्टी को उठाना पड़ा.
वाशिंगटन पोस्ट और नेशनल पब्लिक ओपिनियन रिसर्च सेंटर के 90 हजार से अधिक मतदाताओं पर आधारित सर्वे में अर्थव्यवस्था और रोजगार को प्रमुख मुद्दे बताया गया. सर्वे के मुताबिक, ट्रंप की नीतियों को अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह मानने वाले मतदाताओं ने बड़ी संख्या में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन किया.
हिस्पैनिक और अश्वेत मतदाताओं का बदला रुख
वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में कुछ हिस्पैनिक और अश्वेत मतदाताओं का समर्थन रिपब्लिकन पार्टी की ओर बढ़ा था. लेकिन इस बार इन समुदायों के बीच डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को समर्थन मिलता दिखाई दिया. टेक्सास के हिस्पैनिक बहुल इलाकों में डेमोक्रेट्स की जीत को इस बदलाव का संकेत माना जा रहा है.
इसके पीछे महंगाई के साथ ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति भी एक बड़ी वजह रही. अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अमेरिका के कई हिस्सों में असंतोष देखने को मिला. चुनाव के बाद जेडी वेंस ने भी इमिग्रेशन कानून लागू करने के तरीके पर दोबारा विचार करने की बात कही.
डेमोक्रेट उम्मीदवारों की रणनीति रही सफल
रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की चुनावी रणनीति भी महत्वपूर्ण रही. उन्होंने महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और सरकारी भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. कई उम्मीदवारों ने अपने राज्यों की स्थानीय समस्याओं को चुनाव प्रचार का केंद्र बनाया.
इस रणनीति का फायदा उन इलाकों में भी मिला, जहां पहले रिपब्लिकन पार्टी मजबूत मानी जाती थी. चुनाव के बाद ABC News Voter Poll के शुरुआती आंकड़ों में 55 फीसदी मतदाताओं ने सरकारी भ्रष्टाचार को अहम मुद्दा बताया. वहीं, 49 फीसदी ने जीवनयापन के खर्च को अपने वोटिंग फैसले के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना. इसके मुकाबले 34 फीसदी मतदाताओं ने ईरान युद्ध को बेहद अहम मुद्दा बताया.