India US Trade Agreement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका को अब भारत के बाजारों में "एक्सेस" मिलने वाला है और उन्होंने इसके लिए अपनी आक्रामक टैरिफ नीति को श्रेय दिया है. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता लगभग तैयार है और केवल कुछ अंतिम बिंदुओं पर बातचीत बाकी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वॉशिंगटन में चल रही व्यापार वार्ताओं के बीच ट्रंप ने कहा, “हम भारत में एक्सेस पा रहे हैं. पहले हमारे लोगों को इन देशों में प्रवेश की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब टैरिफ रणनीति के कारण दरवाजे खुल रहे हैं.”
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर लंबे समय से बातचीत चल रही है. भारत, अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है जो ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 'रेसिप्रोकल टैरिफ्स' का सामना कर रहा है. ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि ब्रिक्स देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं.
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि इंडोनेशिया के साथ अमेरिका ने एक व्यापार समझौता पूरा कर लिया है, और इसके लिए उन्होंने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो से फोन पर बात की. उन्होंने कहा, "हमने पहले इन देशों में कोई एक्सेस नहीं पाया था, लेकिन अब हमारी टैरिफ नीति के कारण बदलाव आ रहा है."
व्हाइट हाउस की ओर से भारत के साथ संभावित व्यापार समझौते की विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की गई है, लेकिन ट्रंप की टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि एशियाई देशों के साथ व्यापार संतुलन स्थापित करने पर उनका ध्यान केंद्रित है. वहीं, भारत का व्यापार प्रतिनिधिमंडल, मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में, वॉशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप द्वारा भारत को औपचारिक टैरिफ धमकी न देना समझदारी भरा कदम है, क्योंकि इससे बातचीत बाधित हो सकती थी.
ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की उनकी कोशिशों के चलते उन पर 10% से 100% तक टैरिफ लगाया जा सकता है. ब्राजील पर 50% और उन देशों पर 100% टैरिफ की संभावना है जो रूस से तेल व गैस खरीदना जारी रखे हुए हैं. भारत रूस से ऊर्जा आयात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है.