अमेरिका और इजरायल मिलकर लगातार छठे दिन ईरान पर हमला कर रहा है. इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों को भारी नुकसान पहुंचा है. इसी बीच अमेरिका के एक पूर्व कर्नल ने बड़ा दावा किया है. जिसमें उन्होंने ईरान की स्थिति मजबूत बताई और यह भी दावा किया कि अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले हो रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से युद्ध को लेकर ऐसा कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया हैं. लेकिन इस युद्ध की वजह से पूरे पश्चिम एशिया में अशांति का माहौल है. ईरान लगातार मिडिल ईस्ट के अन्य देशों पर हमलाकर रहा है, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं.
अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने मीडिया से बात करते हुए ईरान की ताकत की सराहना की है. उन्होंने दावा किया कि ईरान इस युद्ध में ना केवल मजबूती से खड़ा है, बल्कि अमेरिका के लिए मुसीबत भी बन रहा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने तबाह हो चुके हैं. इतना ही उन्होंने अपने इन दावों में भारत का भी नाम शामिल किया. मैकग्रेगर ने कहा कि अमेरिका को इस युद्ध को जारी रखने के लिए भारत और उसके बंदरगाहों पर भी निर्भर होना पड़ सकता है. उनके इन दावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है. पूर्व कर्नल ने ईरान के एक्शन को बेहद प्रभावशाली बताते हुए अमेरिकी रणनीति पर सवाल उठाया है.
पूर्व कर्नल ने अपने बयान में ईरान की इस जीत के पीछे रूस और चीन का मुख्य कारण बताया. उन्होंने दावा किया चीन और रूस दोनों लगातार ईरान सरकार के संपर्क में है और सैटेलाइट के माध्यम से महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी साझा कर रही है. जिसकी वजह से ईरान सटीक हमले करने में सफल हो रहा है. उनका कहना है कि इन देशों की मदद से ईरान अमेरिका के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी सकता है. हालांकि पूर्व कर्नल ने अपने इन दावों को लेकर कोई भी सबूत पेश नहीं किया. हालांकि अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भी पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह माना था ईरान के कुछ हवाई हमले अभी भी अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार लंबे संघर्ष की चेतावनी दे रहे हैं. इस युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर दिखना शुरू हो गया है.