ना पायलट होगा, ना आवाज आएगी, दुश्मन के ठिकाने को तबाह कर आएगा अमेरिका का बॉम्बर विमान
America Air Force: अमेरिका ने एक ऐसा बमवर्षक विमान तैयार किया है जिसे बिना पायलट के भी उड़ाया जा सकता है और यह बेहद कम आवाज में दुश्मन के इलाके में घुस सकता है. चीन और रूस भी ऐसे प्रयासों में जुटे हैं लेकिन अब तक उन्हें कामयाबी नहीं मिली है.
अमेरिका दिन-ब-दिन अपनी शक्तियों में इजाफा करता जा रहा है. हाल ही में अमेरिकी वायु सेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बमवर्षक विमान की तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि वह कितना खतरनाक हो सकता है. इस बमवर्षक का नाम बी-21 रेडर स्टील्थ बॉम्बर है. यह जितना खतरनाक है, उतने ही गुपचुप तरीके से अपने मिशन को अंजाम तक पहुंचाता है. इसने बुधवार को उड़ान भरी तो उसी दिन अमेरिका की वायुसेना ने इसकी तस्वीर शेयर की थी. बी-21 रेडर स्टील्थ बॉम्बर परमाणु बम के साथ ही पारंपरिक हथियार ले जाने में भी सक्षम है. इसे पायलट के बिना भी उड़ाया जा सकता है.
अमेरिका ने एक ऐसी उप्लब्धि हासिल की है. जिसे देखकर चीन और रुस के होश उड़ गए हैं. संयुक्त राज्य अमेरिकी की वायु सेना के पास जल्द ही बी-21 रेडर स्टील्थ बॉम्बर होगा, जिसकी फ्लाइट टेस्टिंग शुरू हो गई है. चीन और रूस को जब अमेरिका के इस बमवर्षक के बारे में पता चला था. उसी समय से दोनो देश से कुछ ऐसा ही विमान बनाने की खबर सामने आई थी लेकिन अब तक आधिकारिक तौर पर इसमें सफलता मिलने की दोनों देशों ने पुष्टि नहीं की है.
बी-21 की खूबियां
यह परमाणु बम और पारंपरिक हथियार ले जाने में सक्षम है. यह दुनिया का सबसे हाईटेक बमवर्षक विमान है. यह बड़े शान्तिपूर्ण ढंग से मिशन को अंजाम देता है. इसके चारों तरफ इस तरह के पदार्थ और धातु का प्रयोग किया गया है. जिससे यह रडार की पकड़ में नहीं आता है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत बन जाती है कि यह बमवर्षक अपने अभियान के दौरान किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आएगा. इसीलिए अमेरिका की ओर से दावा किया गया है कि आज तक ऐसा बमवर्षक विमान पहले कभी नहीं बनाया गया.
कितनी दूर तक गिरा सकता है बम
इसकी रफ्तार 2000 किलोमीटर/घंटे होने की संभावना जताई गई है. हालांकि, एक संभावना यह भी है कि इसकी स्पीड और भी तेज हो, क्योंकि कंपनी ने इसके बारे में कोई खुलासा नहीं किया है. इतना जरूर सामने आया है कि यह बॉम्बर 50 से 60 हजार फुट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. नॉर्थरोप ग्रुम्मन कंपनी की ओर से तैयार किया गया यह विमान पूरी तरह से डिजिटल और एक लॉन्ग रेंज स्ट्राइक बॉम्बर है. इसकी एक और खासियत है कि डिजिटल होने के नाते इसके सिस्टम में कभी भी बदलाव किया जा सकता है.
अभी तक नहीं बना पाया रूस
वहीं, अमेरिका के बी-2 विमानों का जवाब देने के लिए रूस ने भी कोशिश शुरू की थी और टुपोलेव पाक-डीए स्टील्थ बॉम्बर बनाना शुरू किया था. बताया जाता है कि अब तक पाक-डीए का प्रोटोटाइप ही तैयार किया जा सका है जबकि रूस ऐसे छह और बॉम्बर विमान बनाना चाहता है. अगर रूस का पाक-डीए और चीन का एच-20 स्टील्थ बॉम्बर वास्तव में बन जाते हैं तो अमेरिका के बाद पूरी दुनिया में केवल यही दो ऐसे देश होंगे जिनके पास स्टील्थ बॉम्बर्स होंगे.
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