117 साल की उम्र, कभी नहीं ली दवा! जानिए अल्बानिया की कामिले मारा की लंबी उम्र का राज
अल्बानिया की कामिले मारा 117 साल की उम्र में भी सक्रिय जीवन जी रही हैं. परिवार के मुताबिक, उन्होंने कभी दवा नहीं ली. उनकी दिनचर्या और जीवन के अनुभव खास हैं.
यूरोपीय देश अल्बानिया में रहने वाली कामिले मारा की उम्र 117 साल बताई जाती है. उनके जन्म से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, उनका जन्म 19 अगस्त 1909 को हुआ था. इस उम्र के साथ वह ब्रिटेन की एथेल कैटरहैम से दो दिन बड़ी हैं, जिन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित महिला के रूप में मान्यता दी है. हालांकि, मारा को इस रिकॉर्ड की खास परवाह नहीं है. उनकी प्राथमिकता अपनी जिंदगी को खुशी से जीना है.
ओटोमन शासन से लेकर आधुनिक अल्बानिया तक का सफर
कामिले मारा ने अपने जीवन में इतिहास के कई बड़े बदलाव देखे हैं. उनका जन्म ओटोमन शासन के दौर में हुआ था. द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त होने से लगभग दो सप्ताह पहले वह 36 साल की हो गई थीं. उन्होंने अल्बानिया में कम्युनिस्ट शासन का दौर भी देखा. राजधानी तिराना से करीब 100 किलोमीटर दक्षिण में फेरास गांव में उन्होंने अपनी जिंदगी का अधिकांश समय बिताया. यहां वह अनाज उगाती थीं और पशुओं की देखभाल करती थीं.
'जिंदगी माउंट टोमोर की तरह खूबसूरत है'
समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में मारा ने मुस्कुराते हुए कहा कि जिंदगी बहुत खूबसूरत है, ठीक वैसे ही जैसे फूलों से खिला माउंट टोमोर. यह अल्बानिया की प्रमुख ऊंची पर्वत चोटियों में से एक है. उनके मुताबिक, इंसान उतने ही दिन जीता है, जितने दिन ईश्वर ने तय किए हैं. उम्र के इस पड़ाव पर भी उनके चेहरे पर जिंदगी के प्रति संतोष दिखाई देता है.
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उम्र साबित करने के लिए देने पड़े थे सबूत
110 साल से अधिक उम्र के लोगों की वास्तविक उम्र की पुष्टि करना कई बार मुश्किल होता है. मारा के मामले में भी उनकी उम्र को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ था. उनके 80 वर्षीय बेटे हायसेन के मुताबिक, जब उनकी मां 100 साल की हुईं, तो अधिकारियों ने उनकी पेंशन रोक दी थी. उन्हें यह विश्वास नहीं हो रहा था कि वह इतनी उम्र में भी जीवित हैं.
पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए परिवार को गवाहों के बयान और दूसरे प्रमाण देने पड़े. मारा के पास 1945 में जारी जन्म प्रमाण पत्र, 1978 का पासपोर्ट और हाल का पहचान पत्र मौजूद है. इन सभी दस्तावेजों में उनकी जन्मतिथि 19 अगस्त 1909 दर्ज है. हाल ही में सरकार ने उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें विशेष सरकारी पेंशन भी दी. उनके रिश्तेदारों ने उनकी उम्र को लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से संपर्क किया है.
सुबह से शाम तक सक्रिय रहती हैं मारा
मारा की लंबी उम्र का राज उनकी रोजमर्रा की आदतों में छिपा हो सकता है. वह सुबह जल्दी उठती हैं और आंगन में झाड़ू लगाने के साथ फूलों को पानी देती हैं. इसके बाद मुर्गियों को दाना खिलाती हैं और बैठकर अपनी पसंदीदा कॉफी पीती हैं. वह आज भी अपने बेटे के साथ फलों के बगीचे में टहलती हैं और पके हुए अनार तोड़ती हैं. तुलसी के पत्ते भी अपनी जेब में रखती हैं, ताकि उनकी खुशबू का आनंद ले सकें.
उनके बेटे के मुताबिक, मारा की सेहत अच्छी रही है और उन्होंने कभी कोई दवा नहीं ली. परिवार का यह भी कहना है कि वह कभी डॉक्टर के पास नहीं गईं. हालांकि, उनकी लंबी उम्र का कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित कारण सामने नहीं आया है.
सात बच्चों की मां, पांच पीढ़ियों की गवाह
मारा के पति का निधन करीब 36 साल पहले हो गया था. उनकी शादी परिवार की पसंद से हुई थी, लेकिन वह अपने वैवाहिक जीवन को प्यार से भरा मानती हैं. वह कहती हैं कि अगर उनके रिश्ते में प्यार नहीं होता, तो उनके सात बच्चे कैसे होते?
उन्होंने अपने परिवार की पांच पीढ़ियों को बड़ा होते देखा है. अपने पुराने रिश्तेदारों और दोस्तों को याद करते हुए कई बार उनकी आंखें नम हो जाती हैं. लेकिन परिवार के किसी सदस्य का फोन आते ही उनके चेहरे पर फिर मुस्कान लौट आती है.
18 साल की उम्र की तस्वीर आज भी संभालकर रखी है
मारा के पास अपनी जवानी की करीब 100 साल पुरानी एक तस्वीर भी है. इसमें वह सफेद स्कार्फ पहने दिखाई देती हैं. आज भी वह इसी तरह का स्कार्फ पहनती हैं. तस्वीर देखते हुए उन्होंने बताया कि उस समय उनकी उम्र 18 साल थी.
इतिहास के कई दौर देखने वाली कामिले मारा आज भी अपनी दिनचर्या, परिवार और छोटी-छोटी खुशियों में जिंदगी का आनंद तलाशती हैं. उनकी कहानी लंबी उम्र के साथ-साथ सादगी और जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिए की भी झलक दिखाती है.