नई दिल्लीः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमला कर दुनिया को चौंका कर रख दिया. बता दें कि शांति की दुहाई देने वाले ट्रंप ने एक स्वतंत्र देश के राष्ट्रपति को उनके बेडरूम से उठा लिया. कुछ लोगों का कहना है कि यह मानवता को शर्मसार कर देने वाला काम है. वहीं कई लोग इसको निकोलस मादुरो के आंतक का अंत है. इसी बची सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. ऐसी ही एक वीडियो में निकोलस मादुरो पर हमले का एआई वीडियो वायरल हो गया है.
वायरल हुए वीडियो में अमेरिका का चेहरा दुनिया को साफ दिख रहा है. अमेरिका की स्पेशल टीम में कई लोग दिख रहे हैं. वह अपने स्पेशल हेलीकॉप्टर से वेनेजुएला में घुसते हुए दिखा. काराकस की लाइट काट उन्होंने मादुरो के आलीशान बंगले पर धावा बोल दिया. बंदूकों के साथ वह धीरे-धीरे उसके घर में घुसते दिखे. वहीं मादुरो ने अपने बेडरूम से भाग बंकर में जाने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी सैनिकों ने उसे तुरंत अपने कब्जे में ले लिया. जिसके बाद वह उसे अपने साथ अमेरिका ले गए.
हकीकत यह है कि अमेरिकी सेना द्वारा चलाए गए इस गुप्त ऑपरेशन की कोई भी आधिकारिक वीडियो रिकॉर्डिंग अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है. वायरल हो रहे वीडियो में कई तकनीकी खामियां देखी जा सकती हैं, जैसे कि सैनिकों की वर्दी में विसंगतियां, हथियारों का असामान्य आकार और बैकग्राउंड की आवाजों में कृत्रिमता.
ये सभी संकेत बताते हैं कि ये वीडियो केवल दर्शकों को गुमराह करने और सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने के उद्देश्य से बनाए गए हैं. वहीं इस वीडियो पर व्यूज की बौछार हो रही है. यह एक सोचने वाली बात है कि एआई किस स्पीड से आगे बढ़ रहा है.
वर्तमान स्थिति यह है कि मादुरो को सुरक्षित रूप से अमेरिका ले जाया गया है, जहां वे नार्को-आतंकवाद और अन्य गंभीर आरोपों का सामना करेंगे. इस संवेदनशील समय में लोगों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे केवल विश्वसनीय समाचार स्रोतों और आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें. किसी भी वायरल वीडियो को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना आज के 'डीपफेक' युग में अनिवार्य हो गया है.