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1948 में बनने के साथ ही जंग लड़ता रहा है इजरायल, फिर भी कैसे है इतना अमीर और विकसित? जानें

इजरायल 1948 से लगातार युद्धों का सामना करता आ रहा है. इसके बावजूद वह दुनिया के अमीर देशों में शामिल है क्योंकि युद्ध को इजरायल ने कमजोरी नहीं बल्कि अवसर में बदला है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
1948 में बनने के साथ ही जंग लड़ता रहा है इजरायल, फिर भी कैसे है इतना अमीर और विकसित? जानें
Courtesy: @erbmjha x account

नई दिल्ली: इजरायल 1948 में अस्तित्व में आया और उसके साथ ही युद्धों का सिलसिला भी शुरू हो गया. देश के गठन के तुरंत बाद पड़ोसी अरब देशों से पहला युद्ध हुआ. इसके बाद 1956, 1967 और 1973 में बड़े युद्ध लड़े गए. समय के साथ संघर्ष के रूप बदलते गए. कभी हमास से टकराव हुआ, कभी हिज्बुल्लाह से, कभी हूती विद्रोहियों से और अब ईरान से सीधे तनाव की स्थिति बनी हुई है.

चारों तरफ दुश्मन देशों और संगठनों से घिरे रहने के बावजूद इजरायल आज दुनिया के अमीर और विकसित देशों में शामिल है. आमतौर पर माना जाता है कि लगातार युद्ध किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर देता है लेकिन इजरायल इस सोच को पूरी तरह गलत साबित करता है.

क्या है आर्थिक ताकत का सबसे बड़ा कारण?

इजरायल की आर्थिक ताकत का सबसे बड़ा कारण उसका हाई टेक सेक्टर है. इजरायल को स्टार्टअप नेशन कहा जाता है. यहां प्रति व्यक्ति स्टार्टअप की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा मानी जाती है. साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर, मेडिकल टेक्नोलॉजी और फार्मा सेक्टर में इजरायल वैश्विक स्तर पर अग्रणी है.

Google, Microsoft, Intel और Nvidia जैसी बड़ी कंपनियों ने यहां अपने रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर खोल रखे हैं. युद्ध के हालात में भी यह सेक्टर चलता रहता है क्योंकि इसकी ताकत दिमाग और तकनीक में होती है.

क्या है दूसरा बड़ा कारण?

दूसरा बड़ा कारण इजरायल का रक्षा उद्योग है. लगातार खतरे के चलते इजरायल ने अपनी सुरक्षा तकनीक खुद विकसित की. Iron Dome जैसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम, ड्रोन टेक्नोलॉजी और साइबर वारफेयर सिस्टम इसी का उदाहरण हैं. आज यही तकनीक इजरायल के लिए बड़ा एक्सपोर्ट बन चुकी है. कई देश इजरायल से हथियार और रक्षा प्रणाली खरीदते हैं. युद्ध ने इजरायल को कमजोर करने के बजाय उसे तकनीकी रूप से मजबूत बनाया.

क्या है तीसरा और अहम कारण?

तीसरा अहम कारण शिक्षा और मानव संसाधन है. इजरायल अपनी GDP का बड़ा हिस्सा रिसर्च और डेवलपमेंट पर खर्च करता है. यहां बड़ी संख्या में इंजीनियर, वैज्ञानिक और डॉक्टर तैयार होते हैं. सेना में युवाओं को तकनीकी ट्रेनिंग दी जाती है जो बाद में सिविल सेक्टर में काम आती है. इस वजह से इजरायली युवा सिर्फ नौकरी करने वाले नहीं बल्कि समस्या सुलझाने वाले बनते हैं.

छोटे आकार और सीमित संसाधनों के बावजूद इजरायल ने तकनीक, शिक्षा और इनोवेशन को अपनी असली ताकत बना लिया. यही कारण है कि दशकों तक युद्ध झेलने के बाद भी इजरायल आर्थिक रूप से मजबूत बना हुआ है.

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