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मां से विरासत में मिली थी दौलत, मुफ्त में बांट देता था करोड़ों का सोना, मिल गया दुनिया के इतिहास का सबसे अमीर आदमी

Richest Person of World History: मिस्र के 18वें राजवंश के महान फिरौन, अमेनहोटेप III, जिन्हें "फिरौन सीकेनरे ताओ" के नाम से भी जाना जाता है, केवल अपनी शानदार उपलब्धियों और विजयों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अकूत संपत्ति के लिए भी प्रसिद्ध थे.

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Richest Man of World

Richest Person of World History: अमेनहोटेप III, जिन्हें "फिरौन सीकेनरे ताओ" के नाम से भी जाना जाता है, 18वीं सदी ईसा पूर्व में मिस्र पर शासन करने वाले सबसे महान फिरौनों में से एक थे. 39 वर्षों के शासनकाल में उन्होंने मिस्र को अभूतपूर्व समृद्धि और शांति के शिखर पर पहुंचा दिया. उनकी भव्यता और शक्ति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें "मिस्र का नेपोलियन" भी कहा जाता है.

अमेनहोटेप III अपनी अकूत संपत्ति के लिए भी जाने जाते थे. उनकी दौलत का अनुमान 6 ट्रिलियन डॉलर (5000 अरब रुपये) से भी अधिक लगाया गया है, जो आज के किसी भी अरबपति से कहीं अधिक है. सोने में उनकी संपत्ति इतनी थी कि दुनिया भर के राजा उन्हें सोने के उपहार भेजा करते थे. उनकी ममी को भी सोने से ढककर दफनाया गया था.

देवता के रूप में भी होती थी पूजा

अपनी शक्ति और समृद्धि के कारण अमेनहोटेप III को आम जनता और कुलीन वर्ग दोनों ने ही देवता के रूप में पूजा था. मिस्रवासियों का मानना ​​था कि वे देवता अमुन के पुत्र थे और उनके पास अलौकिक शक्तियां थीं. उनकी मृत्यु के बाद भी उनकी पूजा जारी रही और आज भी उन्हें मिस्र के इतिहास में सबसे महान और सम्मानित शासकों में से एक माना जाता है.

नहीं पता चला मौत का राज

अमेनहोटेप III की मृत्यु 40-50 वर्ष की आयु में हुई थी, जो उस समय के लिए असामान्य रूप से कम उम्र थी. उनकी मृत्यु का कारण अज्ञात है, लेकिन कुछ इतिहासकारों का मानना ​​है कि उनकी मृत्यु किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण हुई होगी.

3400 साल बाद हुआ चेहरे का खुलासा

अमेनहोटेप III के चेहरे को लेकर सदियों से रहस्य बना रहा था. 2018 में, पुरातत्वविदों ने उनकी ममी की खोपड़ी का सीटी स्कैन किया और उस डेटा का उपयोग करके उनके चेहरे का 3D मॉडल बनाया. यह पहली बार था जब 3400 साल बाद किसी फिरौन का चेहरा सटीक रूप से देखा गया था. मॉडल से पता चला कि अमेनहोटेप III की मूर्तियों में दिखाए गए चेहरे से काफी अलग दिखते थे. उनके पास एक शांत और संतुष्ट चेहरा था, जो दर्शाता है कि वे एक बुद्धिमान और कुशल शासक थे.

नाम है अनंत विरासत

अमेनहोटेप III ने मिस्र के इतिहास पर एक अमिट छाप छोड़ी. उन्होंने भव्य मंदिरों, स्मारकों और मूर्तियों का निर्माण करवाया जो आज भी उनकी भव्यता की गवाही देते हैं. उनकी शासनकाल कला, साहित्य और संस्कृति के स्वर्ण युग के रूप में जाना जाता है.

अमेनहोटेप III न केवल मिस्र के सबसे शक्तिशाली और धनी फिरौन थे, बल्कि वे एक महान निर्माता और कला संरक्षक भी थे. उनकी विरासत आज भी मिस्र और पूरे विश्व में महसूस की जाती है. 3400 साल बाद उनके चेहरे का खुलासा प्राचीन मिस्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण खोज है जो हमें इस महान फिरौन के बारे में और अधिक जानने में मदद करती है.