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पाकिस्तान ने अपने साथ-साथ पिटवाई तुर्की की भद्द, ताकतवर सोंगार ड्रोन से भी नहीं कर सका भारत का मुकाबला

गुरुवार की रात पाकिस्तान ने भारत के 36 सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन्स का इस्तेमाल किया. जांच में पता चला है कि पाकिस्तान ने जिन ड्रोन्स का इस्तेमाल किया वे तुर्की में बने थे.

Sagar Bhardwaj

भारत के एयर डिफेंस सिस्टम्स ने 36 सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने वाले पाकिस्तान के बड़े ड्रोन हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमले में संभवतः तुर्की निर्मित असिसगार्ड सोंगार सशस्त्र यूएवी (UAV) का उपयोग किया गया.

कितना ताकतवर है तुर्की का सोंगार ड्रोन

शुक्रवार को विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में मौजूद रहीं कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि हमने इन ड्रोन को काइनेटिक और गैर-काइनेटिक दोनों तरीकों से मार गिराया. उन्होंने कहा कि इन ड्रोन्स का संभावित उद्देश्य हमारी वायु रक्षा प्रणालियों का परीक्षण और खुफिया जानकारी एकत्र करना था. ड्रोन मलबे की फोरेंसिक जांच जारी है. प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि ये ड्रोन तुर्की निर्मित असिसगार्ड सोंगार मॉडल हैं. उसी रात बाद में, पाकिस्तान ने बठिंडा सैन्य स्टेशन को निशाना बनाने के लिए एक और सशस्त्र यूएवी का उपयोग करने की कोशिश की. भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी और अधिकांश ड्रोन को नुकसान पहुंचाने से पहले ही नष्ट कर दिया.

क्या है सोंगार ड्रोन 

सोंगार तुर्की का पहला स्वदेशी सशस्त्र ड्रोन सिस्टम है, जिसे अंकारा स्थित रक्षा कंपनी असिसगार्ड ने विकसित किया है. 2019 में सेवा में शामिल यह क्वाडरोटर अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (UAV) स्वायत्त और रिमोट-नियंत्रित दोनों तरह के ऑपरेशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो इसे असममित युद्ध और सीमा पार मिशनों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाता है.

सोंगार की खासियत

रिपोर्ट्स के अनुसार, सोंगार स्टेबलाइज्ड ऑटोमैटिक मशीन गन, मिनी-मिसाइलों या 81 मिमी मोर्टार राउंड से लैस हो सकता है, जिससे यह व्यक्तियों, वाहनों और हल्के ठिकानों को निशाना बना सकता है. इस ड्रोन का अधिकतम टेकऑफ वजन 45 किलोग्राम है, बिना पेलोड के 25-30 मिनट की उड़ान अवधि और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन से 3-5 किमी की परिचालन रेंज है. यह समुद्र तल से 2,800 मीटर तक की ऊंचाई और जमीन से 400 मीटर ऊपर तक काम कर सकता है. हालांकि, भारत के मस्टीलेवल एयर डिफेंस सिस्टम जिसमें आकाश, MRSAM और S-400 जैसे सिस्टम शामिल हैं- ने खतरे को बेअसर कर दिया.