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Earthquake in south Siberias: साइबेरिया के अल्ताई में कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर 6.4 रही भूकंप की तीव्रता

दक्षिणी साइबेरिया के अल्ताई गणराज्य में शनिवार सुबह 6.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी झटके महसूस किए गए.

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Edited By: Garima Singh
Earthquake in south Siberias: साइबेरिया के अल्ताई में कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर 6.4 रही भूकंप की तीव्रता
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Earthquake in south Siberias: दक्षिणी साइबेरिया के अल्ताई गणराज्य में शनिवार सुबह 6.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी झटके महसूस किए गए. रूसी विज्ञान अकादमी की एकीकृत भूभौतिकीय सेवा के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजकर 48 मिनट पर आया.

भूकंप का केंद्र अल्ताई गणराज्य में स्थित था, जिससे पड़ोसी क्षेत्रों में भी झटके महसूस हुए. हालांकि, अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है. क्षेत्रीय प्रमुख एंड्रेई तुरचाक ने सोशल मीडिया मंच ‘टेलीग्राम’ पर जानकारी दी कि भूकंप के बाद 'हाई-अलर्ट' घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं.

जलापूर्ति और मामूली क्षति की आशंका

भूकंप के केंद्र के निकटवर्ती क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है. तुरचाक ने बताया, “प्रारंभिक आकलन के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में मामूली क्षति हुई है, लेकिन व्यापक स्तर पर नुकसान होने के दावों को खारिज किया गया है.” उन्होंने लोगों से शांत रहने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की.

'हाई-अलर्ट' और सुरक्षा उपाय

अल्ताई गणराज्य में ‘हाई-अलर्ट’ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है और बचाव दलों को तैयार रखा गया है. क्षेत्रीय अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है.

भूकंप के बाद स्थिति सामान्य

हालांकि, भूकंप के झटके तेज थे, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई. सरकारी अधिकारियों ने बताया कि "जनजीवन पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है और लोग सुरक्षित हैं." प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं के माध्यम से स्थिति पर कड़ी नजर रखी है और राहत एवं बचाव कार्य के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

सतर्कता और सुरक्षा के उपाय जारी

अल्ताई गणराज्य में आए इस भूकंप ने एक बार फिर से प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है. प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 'हाई-अलर्ट' की स्थिति लागू की और जनहानि को रोकने में सफल रहा.