दिन दहाड़े स्कूल से 25 छात्राएं किडनैप, वाइस प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या
उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया के एक सरकारी गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल पर तड़के हथियारबंद हमलावरों ने हमला कर छात्राओं का अपहरण कर लिया. हमले में उप-प्रधानाचार्य की मौत हो गई और एक कर्मचारी घायल हुआ. सुरक्षा बल जंगलों में तलाशी अभियान चला रहे हैं.
नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में सोमवार तड़के एक सरकारी गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल पर हथियारबंद हमलावरों ने धावा बोल दिया. इस हमले में स्कूल के एक अधिकारी की मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी घायल हुआ है. हमलावर कई छात्राओं का अपहरण कर ले गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है.
यह घटना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 4 बजे मागा शहर के गवर्नमेंट गर्ल्स कॉम्प्रिहेंसिव सेकेंडरी स्कूल में हुई. पुलिस प्रवक्ता नफीउ अबुबकर कोटारकोशी ने बताया कि हमलावर राइफलों से लैस थे और उन्होंने स्कूल परिसर में घुसते ही सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी.
क्या है पूरा घटनाक्रम?
पुलिस के अनुसार, हमलावर बाड़ फांदकर हॉस्टल की ओर बढ़े और छात्राओं को जबरन अपने साथ ले गए. प्रवक्ता ने कहा कि हमलावरों ने पहले सुरक्षा गार्ड पर हमला किया और फिर मौके का फायदा उठाकर लड़कियों को उठाकर जंगल की ओर भाग निकले. यह एक सुनियोजित हमला था.
उप-प्रधानाचार्य की गोली मारकर हत्या
हमले में स्कूल के उप-प्रधानाचार्य हसन याकूब मकुकु की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब उन्होंने हमलावरों का सामना करने की कोशिश की. एक अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल है और उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस, सेना और स्थानीय सुरक्षा समूहों ने आसपास के जंगलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. कोटारकोशी ने कहा कि हम लड़कियों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. सभी संभावित मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
पिछले कुछ वर्षों में नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में ऐसे हमलों की संख्या लगातार बढ़ी है. हथियारबंद गिरोह अक्सर फिरौती के लिए स्कूलों को निशाना बनाते हैं. 2024 में ही 100 से अधिक बच्चों का अपहरण किया जा चुका है, जिनमें कई 12 वर्ष से कम उम्र के थे.
2014 में हुई थी ऐसी घटना
यह घटना 2014 के चिबोक अपहरण की यादें ताज़ा कर देती है, जब बोको हराम आतंकियों ने 200 से अधिक लड़कियों का अपहरण किया था. उस घटना के बाद #BringBackOurGirls अभियान ने वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरी थी.
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि नाइजीरिया सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगातार विफल रही है. कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सुरक्षा बलों की कमी, स्थानीय गिरोहों के बढ़ते प्रभाव और राजनीतिक अस्थिरता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.
ताजा हमला एक बार फिर यह दिखाता है कि अफ्रीका के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश में सुरक्षा संकट कितना गंभीर रूप ले चुका है. सरकार के दावों के बावजूद कई क्षेत्रों में आपराधिक गिरोह बिना रोक-टोक काम कर रहे हैं और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.