जुदाई नहीं सह सका प्रेमी, हमास हमले में मारी गई प्रेमिका की कब्र पर की खुदकुशी
इजरायल में 7 अक्टूबर 2023 के हमले में प्रेमिका को खोने वाले 30 वर्षीय बार असराफ ने लगभग तीन साल बाद उसकी कब्र के पास आत्महत्या कर ली. यह घटना युद्ध के बाद मानसिक आघात की गंभीरता को फिर सामने लाती है.
7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद इजरायल में कई परिवार अब भी गहरे मानसिक आघात से जूझ रहे हैं. इसी कड़ी में एक युवक ने अपनी दिवंगत प्रेमिका की कब्र के पास जान दे दी. यह घटना युद्ध के लंबे समय तक रहने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभावों को उजागर करती है.
प्रेमिका की कब्र के पास मिली युवक की लाश
इजरायल के 30 वर्षीय बार असराफ का शव शनिवार को वेस्ट बैंक के एल्काना स्थित कब्रिस्तान में मिला. वह अपनी दिवंगत प्रेमिका लिरोन बार्दा की कब्र के पास गोली लगने की हालत में पाया गया. सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. बताया गया कि वह एक पारिवारिक शादी से चुपचाप निकल गया था. काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और उसकी बहन ने उसे कब्र के पास पाया.
हमले के बाद कभी सामान्य नहीं हो पाया
लिरोन बार्दा 7 अक्टूबर 2023 को नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर हुए हमास के हमले में मारी गई थीं. वह वहां बार मैनेजर के तौर पर काम कर रही थीं. परिवार के अनुसार, हमले के दौरान उन्हें वहां से निकलने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने घायल लोगों की मदद के लिए रुकने का फैसला किया. बार असराफ उनकी मौत के बाद गहरे सदमे में था और अक्सर उनकी कब्र पर जाकर समय बिताता था. उसने उनकी याद में टैटू भी बनवाया था और परिवार से लगातार जुड़ा रहा.
Also Read
परिजनों ने साझा किया दर्द
बार असराफ की मां ने बताया कि लिरोन की मौत के बाद उनके बेटे की जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी. उन्होंने कहा कि वह अक्सर अपनी प्रेमिका को याद करता था और मानता था कि उसकी जगह कोई नहीं ले सकता. उसकी बहन ने बताया कि जब वह कब्र पर पहुंची तो पहले लगा कि वह आराम कर रहा है, लेकिन पास जाकर देखा तो वह खून से लथपथ पड़ा था. परिवार का कहना है कि उसने उसी जगह अंतिम सांस ली, जहां वह सबसे अधिक जुड़ाव महसूस करता था.
युद्ध के बाद मानसिक आघात की गंभीर चुनौती
यह घटना दिखाती है कि युद्ध खत्म होने के बाद भी उसका असर लोगों के जीवन पर लंबे समय तक बना रहता है. इजरायल में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि 7 अक्टूबर के हमले से बचे कई लोग अब भी गंभीर मानसिक तनाव और आघात से जूझ रहे हैं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नोवा फेस्टिवल से जुड़े कई लोग पिछले वर्षों में आत्महत्या कर चुके हैं. इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य सहायता और समय पर परामर्श की आवश्यकता को रेखांकित किया है.