यूट्यूबर मनीष कश्यप को फिर मिली राहत, EOU के उस फ्लैट को किया रिलीज जहां बनाते थे वीडियो
Manish Kashyap News: बिहार के जाने माने यूट्यूबर मनीष कश्यप के लिए एक बार फिर राहत भरी खबर सामने आ रही है. आर्थिक अपराध इकाई की ओर से उस फ्लैट को रिलीज कर दिया गया है जहां मनीष कश्यप अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो बनाया करते थे.
Manish Kashyap News: बिहार के जाने माने यूट्यूबर मनीष कश्यप के लिए एक बार फिर राहत भरी खबर सामने आ रही है. आर्थिक अपराध इकाई की ओर से उस फ्लैट को रिलीज कर दिया गया है जहां मनीष कश्यप अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो बनाया करते थे.
जानकारी के अनुसार यह फ्लैट मनीष कश्यप के सहयोगी मणि द्विवेदी का है. आपको बताते चलें, पटना के महेश नगर स्थित पूजा निवास अपार्टमेंट में मनीष कश्यप के सहयोगी मणि द्विवेदी ने ले रखा था. तमिलनाडु के जुड़े फेक वीडियो में मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के बाद EOU की टीम ने इस फ्लैट में छापेमारी करते हुए इसे सील सील कर दिया था.
23 दिसंबर को रिहा हुए थे मनीष कश्यप
आपको बताते चलें, 23 दिसंबर 2023 को पटना हाई कोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद मनीष कश्यप को रिहा कर दिया गया था. पटना के बेऊर जेल से बाहर निकलते ही मनीष कश्यप ने बिहार सरकार को निशाने पर लिया था. बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए मनीष कश्यप ने कहा था कि बिहार में कंस की सरकार चल रही है. मनीष ने आगे कहा कि मेरे खिलाफ साजिश की गई थी जिसके चलते 9 महीने तक मैं जेल में बंद रहा. उन्होंने आगे कहा था कि भगवान कृष्ण ने जेल में जन्म लिया था. बिहार में बहुत सारे कंस हैं, जिन्होंने मेरे खिलाफ साजिश की थी.
सजा कोर्ट ने नहीं नेताओं ने दी सजा- मनीष
पटना के बेऊर जेल से बाहर निकलने के बाद मनीष कश्यप ने कहा था कि मुझे कोर्ट ने नहीं बल्कि नेताओं ने सजा दी है. मुझ पर NSA लगाया गया जिसे कोर्ट ने हटा दिया. मनीष ने कहा कि आज यहां जो भीड़ मौजूद है, मैं इनकी आंखों की उम्मीद पूरी करूंगा. मनीष ने आगे कहा कि मैं बिहार का इतना बड़ा अपराधी हूं कि मेरे दादा जी के नाम पर घर की कुर्की कर दी गई. वहीं, राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि मुझे बिहार को बदलना है. मैं इन लोगों के बीच में पत्रकारिता करूंगा.
क्या था पूरा मामला
यूट्यूबर मनीष कश्यप पर बिहारी मजदूरों पर हमले और पिटाई से जुड़े फेक वीडियो को फैलाने का आरोप था. इस मामले में मनीष कश्यप के खिलाफ बिहार पुलिस और तमिलनाडु पुलिस ने मामला दर्ज किया था. इसके बाद कई दिन तक फरार रहने के बाद कश्यप ने 18 मार्च को सरेंडर किया था और फिर बिहार पुलिस की पूछताछ के बाद तमिलनाडु पुलिस ने मनीष की कस्टडी ली थी. इसके बाद 3 अप्रैल को मदुरै की कोर्ट ने मनीष कश्यप को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.