नई दिल्ली: साल 2019 में भारत-पाकिस्तान के रिश्ते काफी खराब हो गए थे. बात युद्ध तक आ गई थी. भारत ने की 9 मिसाइलें पाक को बर्बाद करने के लिए तैयार थी. ये बात की खबर जब उस समय के पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को लगी तो उन्होंने आधी रात को पीएम मोदी से बात करने के लिए फोन किया. इस बात का खुलासा पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रहे अजय बिसारिया ने अपनी किताब एंगर मैनेजमेंट : 'द ट्रबल्ड डिप्लोमेटिक रिलेशन्स बिटवीन इंडिया एंड पाकिस्तान' में किया है.
27 फरवरी, साल 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले को 13 दिन हुए थे. भारत ने पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक किया था. भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) अभिनंदन वर्तमान कश्मीर में पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट की घुसपैठ की निगरानी कर रहे थे. इस दौरान वे पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को खदेडड़ते हुए पाक हवाई क्षेत्र में चले गए, उनके एयरक्राफ्ट पर पाकिस्तानी एफ-16 ने मिसाइल दाग दी. अभिनंदन खुद को विमान से इजेक्ट (बाहर निकलने) करने में कामयाब रहे. हालांकि, वे पाकिस्तान की सेना के हाथ लग गए.
पाकिस्तान आर्मी ने फाइटर पायलट अभिनंदन को पकड़ लिया था और छोड़ने को राजी नहीं था. भारत सरकार हर हाल में अभिनंदन को भारत लाने को तैयार थी. भारत ने 9 मिसाइलों को पाकिस्तान की तरफ मोड़ दिया. कभी भी पाकिस्तान पर जोरदार हमला हो सकता था. इससे इमरान सरकरा घबरा गई और भारत से बात करने के लिए बेताब हो गई.
अजय बिसारिया ने अपने किताब में बताया कि अभिनंदन वर्धमान के पकड़े जाने के बाद भारत में मौजूद पाकिस्तानी हाईकमिश्नर सोहेल महमूद की उनके पास कॉल आई. उन्होंने कहा कि इमरान खान पीएम मोदी से बात करना चाहते हैं. बिसारिया ने दिल्ली में लोगों से बात की और महमूद से कहा कि मोदी, इमरान खान से बात करने के लिए उपलब्ध नहीं हैं. कोई जरूरी मैसेज है तो वे खुद हाई कमिश्नर को दे सकते हैं. उस रात बिसारिया ने महमूद से दोबारा बात नहीं की.
बिसारिया के मुताबिक बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में 27 फरवरी की रात को कत्ल की रात बताया था. इमरान खान ने मोदी को फोन करने के अगले ही दिन यानी 28 फरवरी को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में घोषणा की थी कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की रिहाई के आदेश दे दिए हैं. पाकिस्तान ने अभिनंदन की रिहाई से दुनिया को ये दिखाने की कोशिश की थी कि वो शांति चाहता है. हालांकि, सच तो ये था कि पाकिस्तान भारत से डर गया था.
दरअसल, अमेरिका और ब्रिटेन ने पाकिस्तान को सतर्क किया था. बिसारिया के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान को समझाया था कि भारत अपने सैनिक को बचाने के लिए उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई कर सकता है. पाकिस्तान को मिल रही चेतावनियों से इमरान खान डर गए. इसके बाद पाकिस्तान ने न सिर्फ अभिनंदन को रिहा करने का फैसला किया, बल्कि पुलवामा के आरोपियों पर कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया था.