Azam Khan Jauhar University: पत्नी और बेटे संग सीतापुर जेल में अपने दिन काट रहे सपा नेता आजम खान को योगी सरकार ने एक और बड़ा झटका दिया है. प्रदेश सरकार ने आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन को वापस लेने का फैसला किया है. आजम खान पर लीज की शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप है.
मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई. योगी सरकार अब इस जमीन को उद्योग लगाने के लिए बेहद कम दाम में ग्राम समाज को देने की तैयारी कर रही है.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार के इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम होने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया है.
वहीं, योगी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए रामपुर से बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि यह मामला साल 1990 का है. तब रामपुर में BSA ऑफिस के पास 4000 बच्चों वाला एक राजकीय मुर्तजा स्कूल हुआ करता था. उस समय आजम खान ने नियमों को ताक पर रखकर स्कूल की पूरी जमीन खाली करवा दी और जौहर ट्रस्ट के नाम कर दी. इसके बाद प्रदेश में दोबारा सपा की सरकार बनने पर आजम खान ने इस जमीन की लीज अपने निजी रामपुर पब्लिक स्कूल के नाम पर ट्रांसफर करवा ली थी.
योगी सरकार ने लीज में हेरा-फेरी मानते हुए इस लीज को रद्द कर दिया है. बीजेपी विधायक आकाश ने सवाल किया कि आखिर 100 करोड़ रुपए की जमीन को महज 100 रुपए सालाना की लीज पर आजम खान को कैसे दे दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के इस फैसले से स्कूल में पढ़ रहे 4000 बच्चों का भविष्य खराब हुआ है. वहीं, सरकार ने अब इस जमीन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
सरकार ने इस जमीन को ग्राम समाज को लीज पर देने का फैसला किया है ताकि वह यहां उद्योग धंधे लगा सके. योगी सरकार के इस फैसले को आजम खान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. वहीं आकाश सक्सेना ने आश्वासन दिया है कि यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे किसी भी बच्चे के करियर पर इस फैसले का कोई भी नकारात्मक असर नहीं होगा.