menu-icon
India Daily

'समाज की असली ताकत...', लाखों की कीमत के गहने लौटाने वाली महिला सफाई कर्मी को मिला सम्मान; घर बुलाकर ऐसी हुई खातिरदारी

रमेश ने पद्मा की ईमानदारी की जमकर तारीफ की और पुलिस का भी धन्यवाद किया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पद्मा का यह कदम समाज के लिए एक बड़ा उदाहरण है, जो दिखाता है कि सच्चाई और नैतिकता आज भी जिंदा हैं.

Anuj
Edited By: Anuj
'समाज की असली ताकत...', लाखों की कीमत के गहने लौटाने वाली महिला सफाई कर्मी को मिला सम्मान; घर बुलाकर ऐसी हुई खातिरदारी

चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से सामने आई एक घटना ने यह साबित कर दिया है कि आज भी समाज में ईमानदारी  खत्म नहीं हुई है. यहां एक महिला सफाई कर्मचारी ने लाखों रुपये के सोने के गहने मिलने के बावजूद लालच से दूर रहकर उन्हें पुलिस को सौंप दिया. इस महिला का नाम पद्मा है और उनकी सच्चाई व ईमानदारी की चर्चा अब पूरे देश में हो रही है.

पद्मा चेन्नई के पॉन्डी बाजार इलाके में रोज की तरह सफाई का काम कर रही थी. इसी दौरान उन्हें सड़क किनारे एक लावारिस बैग पड़ा हुआ दिखाई दिया. बैग देखकर उन्हें कुछ अजीब लगा, इसलिए उन्होंने उसे खोलकर देखा. जैसे ही बैग खुला, उसके अंदर रखे भारी मात्रा में सोने के गहने देखकर वह चौंक गई. गहनों की चमक देखकर किसी भी इंसान का मन डगमगा सकता था, लेकिन पद्मा ने बिना एक पल सोचे ईमानदारी का रास्ता चुना.

गहनों की कीमत करीब 45 लाख रुपए

उन्होंने उस बैग को अपने पास रखने या किसी और को देने की बजाय सीधे पॉन्डी बाजार पुलिस स्टेशन पहुंचाया. पुलिस ने जब बैग की जांच की तो पता चला कि उसमें रखे सोने के गहनों की कीमत करीब 45 लाख रुपये है. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ये गहने नंगनल्लूर इलाके में रहने वाले रमेश नामक व्यक्ति के हैं. रमेश पहले ही पुलिस में अपने बैग के गुम होने की शिकायत दर्ज करा चुके थे.

समाज के लिए बड़ा उदाहरण

सभी जरूरी जांच और पुष्टि के बाद पुलिस ने रमेश को बुलाया और उनके गहने सुरक्षित रूप से लौटा दिए. रमेश ने पद्मा की ईमानदारी की जमकर तारीफ की और पुलिस का भी धन्यवाद किया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पद्मा का यह कदम समाज के लिए एक बड़ा उदाहरण है, जो दिखाता है कि सच्चाई और नैतिकता आज भी जिंदा हैं.

सफाई कर्मचारियों की सराहना की

इस घटना से प्रभावित होकर मशहूर ललिता ज्वेलरी के मालिक ने भी पद्मा और अन्य सफाई कर्मचारियों की सराहना की. उन्होंने पद्मा को अपने घर बुलाया, उन्हें भोजन कराया और सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज के असली नायक होते हैं, जो कठिन हालात में भी सही रास्ता नहीं छोड़ते.

CM स्टालिन ने किया सम्मानित

पद्मा की ईमानदारी की गूंज तमिलनाडु सरकार तक भी पहुंची. मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया और एक लाख रुपये का नकद इनाम दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्मा जैसे लोग समाज की असली ताकत हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा हैं.

ईमानदारी हालात की मोहताज नहीं होती

यह पहली बार नहीं है जब पद्मा के परिवार ने ईमानदारी का परिचय दिया हो. लॉकडाउन के दौरान उनके पति सुब्रमणि ने भी मरीना बीच के पास सड़क पर मिले डेढ़ लाख रुपये पुलिस को सौंपे थे. पद्मा और उनका परिवार किराए के घर में रहता है और उनके एक बेटा व एक बेटी हैं. सीमित साधनों के बावजूद इस परिवार ने बार-बार यह साबित किया है कि सच्ची ईमानदारी हालात की मोहताज नहीं होती.