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'दो दिन से बैठे हैं, कोई अधिकारी नहीं आया...', ओल्ड राजेंद्र नगर हादसे के बाद क्या चाहतें है प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स?

Old Rajendra Nagar: ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए हादसे के मामले में पुलिस ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स मुख्य सड़क को जाम न करें और भरोसा रखें. इस मामले में पुलिस ने एमसीडी से भी जानकारी मांगी है और उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है. फिलहाल, बेसमेंट में किसी भी तरह की कमर्शियल गतिविधि पर रोक लगा दी गई है.

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कई दशकों से दिल्ली का ओल्ड राजेंद्र नगर प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र रहा है. सैकड़ों युवा यहीं से IAS और IPS बनकर निकले हैं. इन्हीं अधिकारियों के सहारे देश का तंत्र काम करता है. अब ओल्ड राजेंद्र नगर में चलने वाली एक कोचिंग के बेसमेंट में तीन युवाओं के डूबकर मर जाने के बाद इसी तंत्र पर आरोप लग रहे हैं कि वह युवाओं की अनदेखी कर रहा है. हादसे के बाद से प्रतियोगी छात्र सड़क पर धरना कर रहे हैं. उनका कहना है कि वे दो दिन से बैठे हैं लेकिन दिल्ली नगर निगम (MCD) का कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया है. इन छात्रों ने कुछ मांगें भी रखी हैं लेकिन उसकी भी सुनवाई नहीं हुई है. यह भी देखने आया है कि प्रदर्शनरत छात्रों से मिलने आए दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव को भी विरोध का सामना करना पड़ा है.

ओल्ड राजेंद्र नगर में चलने वाली कोचिंग Rau's IAS के बेसमेंट में पानी भर जाने से दर्जनों छात्र फंस गए थे. इसमें से तीन की मौत हो गई. हादसे के बाद कई कोचिंग के बेसमेंट को सील भी किया जा चुका है. हालांकि, प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनकी सुनवाई ही नहीं हो रही है. रविवार को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस भी टूट पड़ी थी और उन्हें तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया. इस बीच राजनीति भी शुरू हो चुकी है. बीजेपी और कांग्रेस दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी को घेर रही है तो दिल्ली सरकार के मंत्री दिल्ली के उपराज्यपाल और अधिकारियों पर दोष मढ़ रहे हैं.

इस मामले में दिल्ली पुलिस के डीसीपी एम हर्षवर्धन ने बताया है, 'अब इस मामले में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें एक वह शख्स भी है जो तेज रफ्तार में कार लेकर गया था जिसके चलते दरवाजा टूटा था और पानी अंदर गया. बेसमेंट में किसी भी तरह की कमर्शियल गतिविधि की अनुमति नहीं है. हमने एमसीडी से भी जानकारी मांगी है और उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी. हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है. हम प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स से मांग कर रहे हैं कि वे मुख्य सड़क को बंद न करें और भरोसा रखें कि सख्त कार्रवाई की जा रही है.'

'जान गंवाने वालों के परिजन को मिले 1 करोड़ का मुआवजा'

इस बीच प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है, 'हम पिछले दो दिन से यहां बैठे हुए हैं. एमसीडी का कोई अधिकारी हमसे मिलने नहीं आया. आप देख सकते हैं कि हर जगह गंदगी है. अभी मौसम अच्छा है लेकिन अगर आधे-एक घंटे की बारिश हो गई तो दिख जाएगा कि कितना पानी भर जाता है यहां पर. हम अपनी मांगें लिखकर डीसीपी साहब को दे चुके हैं. हमारी मांग है कि जिनकी मौत हुई है उनके बारे में पता चले, जो लोग घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है उनके बारे में पता चले. हमें एफआईआर की कॉपी मिले.'

धरने पर बैठे एक छात्र ने कहा, 'कोचिंग ने माफी भी नहीं मांगी है और ना ही अपनी गलती स्वीकार कर रहे हैं. हमारी मांग है कि जिनकी जान गई है उनके परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा मिले और जो लोग घायल हुए हैं उनको 50 लाख रुपये दिए जाएं. हमने सीवेज और बिजली के काम को लेकर शिकायत भी उठाई है. हर बार बारिश में ऐसा ही होता है. जब तक इसका समाधान नहीं होगा तब तक हम खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे?'

बता दे कि इस दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है. दिल्ली पुलिस भी मामले की जांच कर रही है और अभी तक दो लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है. रविवार को हुए हंगामे के बाद कई कोचिंग संस्थानों के बेसमेंटको सील कर दिया है और नोटिस भी चिपका दिए हैं.