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तो राजस्थान, हरियाणा की वजह से भट्टी की तरह तप रही है दिल्ली! वजह जान रह जाएंगे हैरान

Weather News: राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाके भयंकर गर्मी से जूझ रहे हैं. इस दौरान मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बड़ा खुलासा किया है. वैज्ञानिकों ने इसके पीछे दिल्ली और हरियाणा का कनेक्शन बताया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन राज्यों में खुली भूमि की मात्रा ज्यादा है जो सूर्य की रोशनी में जल्दी गर्म हो जाते हैं.

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तो राजस्थान, हरियाणा की वजह से भट्टी की तरह तप रही है दिल्ली! वजह जान रह जाएंगे हैरान
Courtesy: Social Media

Weather News: भंयकर गर्मी ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है. राजधानी दिल्ली सहित देश के कई शहरों का तापमान 50 डिग्री सेल्सियसल के आंकड़े को पार कर गया.गर्मी से राहत के लिए बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं. भीषण गर्मी के कारण राजधानी दिल्ली के कई इलाकों हाय-तौबा मचा हुआ है. दिल्ली सरकार ने पानी की बर्बादी न हो इसके लिए नई गाइडलाइंस भी जारी की हैं. भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ो से पता चलता है कि दिल्ली के कई इलाकों के तापमान में तीन से चार डिग्री का अंतर है. वैज्ञानिकों ने इस अंतर का कारण भी स्पष्ट किया है. दिल्ली में भयानक गर्मी के पीछे वैज्ञानिकों ने हरियाणा और राजस्थान कनेक्शन को बताया है. 

आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वैज्ञानिक और प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्थान और दक्षिण हरियाणा से आने वाली शुष्क और गर्म हवाएँ मुंगेशपुर, नजफगढ़, जाफरपुर और नरेला जैसे इलाकों पर उनके भूगोल के कारण अधिक प्रभाव डालती हैं.चूंकि ये स्थान दिल्ली के पश्चिमी हिस्से में स्थित हैं, इसलिए ये हवाएँ शहर के अन्य हिस्सों से पहले यहाँ पहुँचती हैं. उन्होंने कहा कि इन इलाकों में कृषि भूमि और खुले क्षेत्र हैं जो सूर्य की सीधी रोशनी में गर्म हो जाते हैं.  

पारा हो गया 50 डिग्री पार 

रिपोर्ट के मुताबिक, पालम में मई में आठ दिन ऐसे रहे जब अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया. पालम एयरपोर्ट के नजदीक स्थित है, इसलिए हवाई उड़ानों से निकलने वाले उत्सर्जन के कारण यहां का तापमान अधिक रहता है. वहीं, राजघाट और मयूर विहार जैसे स्टेशन जो यमुना के पास स्थित हैं मुंगेशपुर, नजफगढ़ और नरेला जितने गर्म नहीं हैं. राजस्थान और हरियाणा के कुछ स्थान पहले से ही 50 डिग्री सेल्सियस के करीब तापमान दर्ज कर रहे हैं. 

अब मुद्दा जिंदा रहने का है

चरम मौसम की घटनाओं में हो रहे परिवर्तनों का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन,जीवाश्म ईंधन का अधिकतम प्रयोग और मानवीय हस्तक्षेप के कारण पूरी दुनिया में मौसम को अधिक गर्म बना रहा है. इसके अलावा हीट वेव के खतरों को पैदा कर रहा है. क्लाइमेट ट्रेंड्स की निदेशक आरती खोसला ने कहा कि बीते दो दिनों में दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों में बढ़ रहा तापमान इस बात का सबूत है कि अब अहम मुद्दा जीवित रहने का है. उन्होंने कहा कि चूंकि भारत के ज्यादा से ज्यादा शहर विकसित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए जलवायु लचीलेपन व्यवहार को तुरंत अपनाने की जरूरत है.