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कौन है स्वतंत्र भारद्वाज जिसके समर्थन में सड़क पर उतरे लोग? इस बात को लेकर हुई गिरफ्तारी

जंतर-मंतर विवाद के बाद स्वतंत्र भारद्वाज चर्चा में हैं. उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के विरोध में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया.

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Km Jaya

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए विवाद और दिल्ली पुलिस के साथ तीखी बहस के बाद स्वतंत्र भारद्वाज इन दिनों चर्चा में हैं. कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के मामले में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस हिरासत के विरोध में शनिवार को दिल्ली में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने मुकदमे में लगाई गई धाराओं को गलत बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की.

संसद मार्ग थाने के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज पर एससी एसटी एक्ट, हत्या के प्रयास की धारा 307 और पोक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाना उचित नहीं है. प्रदर्शनकारियों ने इन मामलों को झूठा बताते हुए पुलिस कार्रवाई का विरोध किया. वहीं, पुलिस का पक्ष और मामले में दर्ज आरोप अलग जांच का विषय हैं.

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज?

इस विवाद के बीच सबसे ज्यादा चर्चा स्वतंत्र भारद्वाज की पहचान और उनकी कथित राजनीतिक पहुंच को लेकर हो रही है. स्वतंत्र खुद को सामाजिक कार्यकर्ता, विचारक, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर और राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर पेश करते हैं. दिल्ली और आसपास के इलाकों में सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता देखी जाती रही है.


जंतर-मंतर जैसे प्रमुख धरना स्थलों पर होने वाले कार्यक्रमों और विरोध प्रदर्शनों में उनकी मौजूदगी कई बार दिखाई दी है. सोशल मीडिया पर भी वह राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं. उनके वीडियो और पोस्ट के जरिए उनकी पहचान सोशल मीडिया पर बनी है.

VVIP कार्यक्रमों में मौजूदगी ने खींचा ध्यान

स्वतंत्र भारद्वाज की कथित राजनीतिक पहुंच को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जाते रहे हैं. वायरल तस्वीरों और वीडियो में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह सहित कई हाई प्रोफाइल कार्यक्रमों में मौजूद देखा गया है. इसके अलावा बीजेपी और संघ विचारधारा से जुड़े कई आयोजनों में भी उनकी मौजूदगी की तस्वीरें सामने आती रही हैं.

बीजेपी के कई बड़े नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं. इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के आधार पर उनकी सत्ता के शीर्ष गलियारों तक पहुंच को लेकर दावे किए जाते हैं. हालांकि, तस्वीरों में किसी नेता के साथ मौजूदगी अपने आप में करीबी राजनीतिक संबंध या आधिकारिक भूमिका का प्रमाण नहीं होती.

जंतर-मंतर विवाद के बाद बढ़ी चर्चा

हालिया विवाद के बाद दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ स्वतंत्र भारद्वाज की बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया. एक तरफ उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके कथित राजनीतिक संपर्कों और हाई प्रोफाइल कार्यक्रमों में मौजूदगी को लेकर भी बहस तेज हो गई है.

फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी. स्वतंत्र भारद्वाज पर लगाए गए आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी. वहीं, उनके समर्थन में हुए प्रदर्शन ने इस विवाद को राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बना दिया है.