AQI

Indian Parliament Voting System: कैसे चुने जाते हैं उपराष्ट्रपति? जानिए उपराष्ट्रपति बनने की योग्यता और चुनाव की पूरी प्रक्रिया

Indian Parliament Voting System: जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया आरंभ हो गई है. केवल संसद सदस्य ही इस चुनाव में हिस्सा लेते हैं और यह विशेष वोटिंग प्रणाली के जरिए होता है. वोटर प्राथमिकता के आधार पर वोट देते हैं और गिनती तब तक होती है जब तक कोई उम्मीदवार जरूरी कोटा पूरा नहीं कर लेता.

Social Media
Km Jaya

Indian Parliament Voting System: सोमवार देर शाम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र प्रारंभ हो चुका है. अब देश में नया उपराष्ट्रपति चुने जाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. ऐसे में जानना जरूरी है कि भारत में उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है और इसके लिए कौन योग्य होता है.

भारत के उपराष्ट्रपति न केवल देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर होते हैं, बल्कि वे राज्यसभा के सभापति की भूमिका भी निभाते हैं. साथ ही, राष्ट्रपति के पद के रिक्त होने की स्थिति में उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति का दायित्व भी निभाते हैं.

उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?

उपराष्ट्रपति का चुनाव केवल संसद के सदस्य करते हैं, जिनमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल होते हैं. इस चुनाव में नामांकित सांसद भी हिस्सा लेते हैं. हालांकि, राष्ट्रपति चुनाव में राज्य विधानसभाओं के सदस्य भी वोट देते हैं, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव केवल संसद सदस्यों तक सीमित रहता है.

चुनाव की प्रक्रिया

उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत एकल संक्रमणीय मत प्रणाली यानी Single Transferable Vote System से होता है. हर वोटर को अपनी प्राथमिकता क्रम में उम्मीदवारों को रैंक देना होता है. उदाहरण के लिए, अगर तीन उम्मीदवार हैं A, B, और C, तो वोटर को A को 1, B को 2, और C को 3 देना होगा.

वोटों की गिनती

मतगणना में एक कोटा तय किया जाता है. कुल वैध वोटों को 2 से विभाजित कर उसमें 1 जोड़ा जाता है. अगर किसी उम्मीदवार को पहले राउंड में ही 394 या उससे अधिक वोट मिल जाते हैं, तो वह विजेता घोषित कर दिया जाता है. यदि नहीं, तो सबसे कम वोट पाने वाले को बाहर कर उसके वोटों की दूसरी प्राथमिकता को अन्य उम्मीदवारों में ट्रांसफर किया जाता है. यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाती है जब तक कोई उम्मीदवार कोटा पूरा न कर ले.

योग्यता

उपराष्ट्रपति बनने के लिए भारतीय नागरिक होना आवश्यक है, उम्र कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए और वह राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता रखता हो. उम्मीदवार को 15,000 रुपये की जमानत राशि जमा करनी होती है, जो कम वोट मिलने पर जब्त हो सकती है. अब देश की निगाहें इस पर टिकी हैं कि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा.