सुनेत्रा पवार को चुना गया NCP विधायक दल का नेता, महाराष्ट्र की बनेंगी पहली महिला डिप्टी सीएम, शाम को लेंगी शपथ
सुनेत्रा पवार NCP की विधायक दल की प्रमुख चुनी गईं. जो अपने दिवंगत पति अजित पवार की जगह लेंगी और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनेंगी. जिसके बाद वह अपने सबसे बड़े बेटे पार्थ को राज्यसभा भेज सकती है.
नई दिल्ली: सुनेत्रा पवार NCP की विधायक दल की प्रमुख चुनी गईं. जो अपने दिवंगत पति अजित पवार की जगह लेंगी और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनेंगी. उम्मीद है कि वह शनिवार यानी आज शाम को शपथ लेंगी, जिससे वह राज्य में इस पद पर बैठने वाली पहली महिला बन जाएंगी. जिसके बाद वह सबसे बड़े बेटे पार्थ को राज्यसभा भेज सकती हैं. क्योंकि उन्हें अपनी राज्यसभा सीट खाली करनी होगी.
विमान दुर्घटना में अजीत पवार की अचानक मौत के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा, इस बारे में तस्वीर अब साफ हो गई है. उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार करने पर सहमति दे दी है. वह आज शाम 5 बजे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी. शरद पवार ने इस फैसले पर हैरानी जताई है, उन्होंने कहा कि अजीत पवार 12 फरवरी को दोनों गुटों के विलय की घोषणा करने वाले थे.
कहां हुई ये बैठक?
यह फैसला दक्षिण मुंबई में विधान भवन परिसर में हुई एक अहम बैठक में लिया गया. बैठक के दौरान, वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल ने उनका नाम प्रस्तावित किया, जिसका समर्थन छगन भुजबल ने किया. अजीत पवार की अचानक मौत के तीन दिन बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी आ गई है. यह बैठक उसी दफ्तर में हुई, जहां अजीत पवार बैठते थे. बैठक की शुरुआत में, सुनेत्रा पवार ने अपने दिवंगत पति की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी. उनके छोटे बेटे जय पवार भी मौजूद थे.
कब होगा शपथ ग्रहण?
बैठक का माहौल बहुत गमगीन था और कई मंत्री और विधायक अपने आंसू नहीं रोक पाए. राज्यपाल आचार्य देवव्रत शाम 4 बजे मुंबई पहुंचेंगे और शपथ ग्रहण समारोह शाम 5 बजे हो सकता है. सुनेत्रा पवार का महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनना एक बड़ी उपलब्धि होगी. उन्होंने लंबे समय तक राजनीति में लो प्रोफाइल बनाए रखा, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान वह सुर्खियों में आईं. उन्होंने अपनी भाभी सुप्रिया सुले के खिलाफ बारामती सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं. इसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया. अब, अजीत पवार की मौत के बाद, पार्टी ने उनके समर्थकों को एकजुट रखने के लिए उन पर भरोसा जताया है.