अलग से क्यों होंगे झारखंड और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव? CEC राजीव कुमार ने बता दी वजह
चुनाव आयोग ने आज जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के लिए विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया. हालांकि झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया. जब मुख्य चुनाव आयुक्त से इसकी वजह पूछी गई तो उन्होंने क्या कहा जानें...
Maharashtra-Jharkhand Assembly Elections: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को हरियाणा और जम्मू कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि जम्मू कश्मीर में तीन चरणों में 18 सितंबर, 25 सितंबर औ 1 अक्टूबर को मतदान होगा. हरियाणा में 1 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि दोनों राज्यों में 4 अक्टूबर को नतीजे आएंगे. राजीव कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा सीटें होंगीं और ये परिसीमन के बाद की सीटें हैं. सीईसी ने बताया कि इस बार जम्मू-कश्मीर विधानसभा में इस बार 3 सीटें बढ़ाई गई हैं, पिछली बार जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 87 सीटें थीं.
झारखंड-महाराष्ट्र में अलग से क्यों होंगे चुनाव
झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा का चुनाव कब होगा? इस सवाल पर राजीव कुमार ने कहा कि इसके कई कारण हैं. उन्होंने कहा कि जब पिछली बार महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव एक साथ हुए थे तब हमारे सामने जम्मू-कश्मीर का चुनाव नहीं था, सेना की जरूरत को देखते हुए हमने एक साथ दो चुनाव कराने का फैसला किया है.
सीईसी राजीव कुमार ने कहा, 'पिछली बार महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव एक साथ हुए थे. उस समय जम्मू-कश्मीर मुद्दा नहीं था लेकिन इस बार इस साल चार चुनाव हैं और 5वां विधानसभा चुनाव तुरंत इसके बाद है जिसकी शुरुआत दिल्ली, झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से होनी है.'
'सेना की जरूरत के आधार पर हमने दो राज्यों में एक साथ चुनाव कराने का फैसला किया है...इसके अलावा और भी कई कारण हैं जैसे महाराष्ट्र में बारिश का मौसम है और कुछ त्योहार भी हैं जैसे गणेश चतुर्थी, पितृ पक्ष, नवरात्री, दिवाली और भी कई कारण है, इसलिए हमने दो चुनावों को एक साथ कराने का फैसला किया. महाराष्ट्र और झारखंड में हर हाल में अगले 6 महीने के अंदर चुनाव हो जाएंगे.'