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Monsoon 2024: इस साल कब आएगा मानसून, IMD से जान लीजिए बारिश का समय

Monsoon 2024: भीषण गर्मी के बीच हर किसी को इंतजार है कि बारिश शुरू हो जाए और गर्मी से राहत मिले. ऐसे में IMD के पूर्वानुमान को बेहद अहम माना जा रहा है.

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Monsoon 2024: इस साल कब आएगा मानसून, IMD से जान लीजिए बारिश का समय
Courtesy: Social Media

देश के अधिकतर इलाकों में गर्मी बढ़ती ही जा रही है. पंखे, कूलर और एसी फेल हो रहे हैं और बेतहाशा गर्मी के चलते लोग बीमार भी हो रहे हैं. गर्मी से बेहाल लोग इंतजार कर रहे हैं कि बारिश हो और थोड़ी राहत मिले. इस बीच भारत के मौसम विभाग (IMD) की ओर से राहत भरी खबर मिली है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाते हुए बताया है कि मानसून 31 मई 2024 तक केरल पहुंच सकता है. यानी जून के दूसरे या तीसरे हफ्ते तक उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश शुरू हो सकती है. 

देश भर में गर्मी के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. दिन के चढ़ते ही मानो आग बरस रही हो. ओडिशा में गर्मी ने इस साल लोगों का हाल काफी बुरा बना रखा है. ओडिशा में बीते 17 दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से उपर दर्ज किया गया है. ओडिशा में 1969 के बाद पहली बार इतनी भीषण गर्मी पड़ रही है. अब भारत के मौसम विज्ञान विभाग ने राहत भरी खबर दी है. इन अनुमानों के मुताबिक, मई महीने के आखिर तक मानसून केरल के तट पर पहुंच सकता है.

इस बार जल्दी आएगा मानसून?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी. आईएमडी ने कहा कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 31 मई तक केरल पहुंच सकता है. आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने मानसून जल्दी आने के बारे में बुधवार को कहा, 'यह जल्दी नहीं है. यह सामान्य तारीख के करीब ही है क्योंकि केरल में मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख 1 जून है.'

मई महीने में आए क्लाउड बैंड को इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (आईटीसीजेड) कहा जाता है, जो देश में बारिश लाने के लिए महत्वपूर्ण है. दक्षिण पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान ITCZ भारत के साथ उत्तर या दक्षिण की ओर स्थानांतरित हो जाता है और देश में बारिश लाने वाली हवाओं को प्रभावित करता है. पिछले एक दशक में केरल के मानसून की वास्तविक शुरुआत 2017, 2018 और 2022 के दौरान मई में ही हुई थी.

अगर समय पर बारिश हो जाती है तो लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी ही. साथ ही, किसानों को भी अगली फसल की बुवाई से पहले खेत तैयार करने में काफी मदद मिलेगी. इस मौसम में होने वाली धान की खेती के लिए बारिश का समय पर होना बेहद जरूरी होती है.