'20 सालों से अपने विरोधियों के अपमान पर क्या कहेंगे पीएम मोदी?', मिमिक्री विवाद पर जयराम रमेश का तीखा हमला

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पिछले 20 सालों में अपने राजनीतिक विरोधियों का अपमान करने को लेकर पीएम मोदी से प्रतिक्रिया मांगी.

Avinash Kumar Singh

नई दिल्ली: राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री की घटना को लेकर बयानबाजियों का दौर तेज हो चला है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पिछले 20 सालों में अपने राजनीतिक विरोधियों का अपमान करने को लेकर पीएम मोदी से प्रतिक्रिया मांगी. मिमिक्री की घटना को बीजेपी वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बढ़ावा दे रही हैं.

'मुद्दे से ध्यान भटकाने का घिसा पिटा तरीका'

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा "प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि वह पिछले बीस वर्षों से अपमान सहते आ रहे हैं, लेकिन पिछले 20 वर्षों में उन्होंने जिस तरह से अपने राजनीतिक विरोधियों को अपमानित किया है और उनके खिलाफ अपशब्द और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है उसपर वह क्या बोलेंगे? यह असली मुद्दे से ध्यान भटकाने का उनका घिसा पिटा तरीका है."

उपराष्ट्रपति से दुर्व्यवहार को लेकर तमाम नेताओं ने जाहिर की चिंता

कांग्रेस की तरफ से यह टिप्पणी तब आई जब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से प्रधानमंत्री मोदी ने टेलीफोन पर बातचीत की. पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उपराष्ट्रपति धनखड़ अपमान करने वाले गंभीर दुर्व्यवहार को लेकर चिंता जताई है. यह विवाद तब खड़ा हुआ जब संसद के निलंबित सांसदों के विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद कल्याण बनर्जी को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल करते देखा गया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपने फोन से तृणमूल सांसद का वीडियो बनाते देखा गया. 

'मीडिया में अडानी, राफेल, बेरोजगारी पर कोई चर्चा नहीं'

सदस्यों के निलंबन पर व्यापक चर्चा नहीं करने के लिए मीडिया पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने बुधवार को कहा "मीडिया का पूरा ध्यान नकल की घटना दिखाने पर है और निलंबित सांसदों के दर्द और पीड़ा को उजागर नहीं करना है. अगर ऐसा हुआ तो क्या किया जा सकता है? मीडिया पूरी तरह से एक लाइन पर चल रहा है. सांसद वहां बैठे थे, मैंने उनका वीडियो शूट किया. मेरा वीडियो मेरे फोन पर है. मीडिया उसे दिखा रहा है. किसी ने कुछ नहीं कहा. हमारे 150 सांसदों को सदन से बाहर कर दिया गया है लेकिन मीडिया में उस पर कोई चर्चा नहीं है. अडानी पर कोई चर्चा नहीं है, राफेल पर कोई चर्चा नहीं है, बेरोजगारी पर कोई चर्चा नहीं है"