शपथ, नारेबाजी और सदन में लहराया संविधान, संसद सत्र के पहले दिन क्या-क्या हुआ? 10 पॉइंट्स में समझिए
Parliament Session 2024: 18वीं लोकसभा का आगाज होते ही पक्ष-विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरना शुरू कर दिया है. प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शपथ दिलाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि यह लोकसभा अमृतकाल की लोकसभा है, हमें जनता ने तीसरी बार मौका दिया है. ऐसे में हमें तीन गुनी ज्यादा मेहनत के साथ काम करना होगा, जनता के सपनों को पूरा करना होगा. इस बीच विपक्ष भी सदन में बढ़ी हुई शक्ति के कारण आक्रामक मुद्रा में नजर आया. विपक्षी नेता इस दौरान सदन में संविधान की प्रतियां लेकर पहुंचे थे.
Parliament Session 2024: भारत की 18वीं लोकसभा का आज आगाज हो गया. भर्तृहरि महताब को प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन की शुरुआत से पहले देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान आजादी से लेकर 18 वीं लोकसभा के आगाज तक सभी प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया. पीएम ने इस दौरान इमरजेंसी भी जिक्र किया और इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय करार दिया. इस दौरान नवनिर्वाचित विपक्षी नेता भी आक्रामक मुद्रा में दिखाई दिए. विपक्षी सांसदों ने संसद सत्र के पहले ही दिन सदन के बाहर मार्च निकाला. इस दौरान उनके हाथों में संविधान की प्रतियां थीं. विपक्षी सांसदों ने सदन में प्रवेश करते ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. 18वीं लोकसभा के आगाज के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव जैसे नेता मौजूद रहे. आइए अब जानते हैं संसद शुरुआत के पहले दिन की 10 बड़ी बातें.
1. गौरवमयी पल: पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 18वीं लोकसभा की शुरुआत को देश के लिए एक गौरवमयी पल करार दिया. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब नवनिर्वाचित सांसद नए संसद भवन में शपथ ले रहे हैं. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि विकसित भारत के 2047 तक के लक्ष्य के साथ इस संसद सत्र की शुरुआत होगी. इसमें विपक्षी सांसदों की भूमिका अहम होगी. पीएम मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य बड़ा है. हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं. हमारा लक्ष्य सबको साथ लेकर संविधान की मर्यादाओं का पालन करते हुए अपनी नीतियों को गति देना है.
2. युवा सांसद: पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकसभा में हमारे लिए सबसे खुशी की बात है हमारे युवा सांसद. सदन में युवा सांसदों की संख्या अच्छी खासी है. उन्होंने कहा कि जब हम 18 अंक की बात करते हैं तो भारत के परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत में इस अंक के मूल्य का बोध होता है. पीएम ने कहा कि 18 अंक का सात्विक मूल्य है.यह हमें कर्म, करुणा, कर्तव्य का संदेश देता है. हमारे यहां पुराण और लोकपुराणों की संख्या भी 18 ही है.18 का मूलांक 9 है और 9 पूर्णता की गारंटी देता है.
10. PM बन गए काम भी करिए: कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए हैं तो उन्हें काम भी करना चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोगों को नारे नहीं बल्कि ठोस आधार चाहिए, जिसे आप खुद याद रखें. खड़गे ने कहा कि इंडिया गठबंधन संसद से सड़क तक जनता की आवाज उठाते रहेंगे. हम संविधान की रक्षा करेंगे. खड़ग ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि नैतिक और राजनीतिक हार के बाद भी उनका अहंकार बरकरार है.सदन पहुंचे सभी इंडिया गठबंधन के सभी सांसदों के हाथ में संविधान की प्रतियां थीं.