भारत के आसमान में खिला 'ईद का चांद', कल धूमधाम से मनाई जाएगा ईद-उल-फितर
भारत में ईद का चांद दिखने के साथ ही मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है. देशभर में शनिवार को ईद मनाई जाएगी, जबकि राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों को भाईचारे और शांति का संदेश दिया है.
नई दिल्ली: भारत के आसमान में ईद का दीदार होते ही पूरे देश में उत्सव का माहौल बन गया है. महीनों की इबादत के बाद, लोग अब इस मुबारक मौके को पूरे उत्साह के साथ मनाने के लिए तैयार हैं. हालांकि, गुरुवार को चांद नहीं दिखने के कारण अधिकांश हिस्सों में शनिवार को ईद मनाने का निर्णय लिया गया है, लेकिन केरल में यह जश्न शुक्रवार को ही मनाया गया. मस्जिदों से लेकर बाजारों तक, हर तरफ रौनक और खुशियां देखते ही बन रही हैं.
देशभर के अलग-अलग हिस्सों में जैसे ही चांद नजर आया, लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर और सोशल मीडिया के जरिए मुबारकबाद देना शुरू कर दिया. मस्जिदों में नमाज के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं और साफ-सफाई के काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी ईद से जुड़े संदेशों और शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई है. हर घर में इस समय केवल खुशियों और पकवानों की चर्चा हो रही है.
बाजारों में उमड़ी खरीदारी के लिए भीड़
ईद के मौके पर बाजारों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है. चांद दिखने की घोषणा के बाद कपड़ों, सेवइयों और मिठाइयों की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है. दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह है और खरीदारी में अचानक तेजी आ गई है. लोग अपने परिवार के लिए नए कपड़े और त्योहार के लिए जरूरी सामान खरीदने में जुटे हैं, जिससे बाजारों की आर्थिक रौनक भी बढ़ गई है.
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी
त्योहार के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं. उत्तराखंड के हरदोई में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि ईद और चैत्र नवरात्रि को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. रमजान के आखिरी दिन नमाजी मस्जिदों में इकट्ठा हुए और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी लोग बिना किसी व्यवधान के त्योहार मना सकें.
राष्ट्रपति और जनप्रतिनिधियों का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार आत्मसंयम, दान और करुणा का मार्ग दिखाता है. उन्होंने अपने संदेश में प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया है. राष्ट्रपति ने जरूरतमंदों की मदद करने और देश की प्रगति में योगदान देने की बात भी कही. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं साझा कीं, जिससे उत्सव का महत्व और बढ़ गया है.
धार्मिक एकता और भाईचारे की मिसाल
ईद-उल-फितर का यह जश्न भारत की मिली-जुली संस्कृति और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है. मस्जिदों और ईदगाहों में होने वाली नमाज केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि शांति और एकता का संदेश है. धर्मगुरुओं ने भी लोगों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से खुशियां बांटें. देशभर में यह त्योहार प्रेम और भाईचारे के नए अध्याय लिख रहा है, जहां हर धर्म के लोग एक-दूसरे की खुशियों में शरीक हो रहे हैं.
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