कोलकाता: पश्चिम बंगला में प्रचंड बहुमत वाली बीजेपी सरकार बनने के बाद एक के बाद एक ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है. बीजेपी पहले ही स्पष्ट चेतावनी दे चुकी है कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, वही अब राज्य की नवनिर्वाचित सरकार का बड़ा एक्शन देखने को मिला है. ममता सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को ED ने गिरफ्तार कर लिया है.
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस की सरकार में पश्चिम बंगाल के अग्निशमन सेवा मंत्री रहे सुजीत बोस पर पिछली सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल में हुए करोड़ों रुपए के नगरपालिका रोजगार घोटाले का आरोप है. बोस सोमवार सुबह कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए थे. लगभग 11 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. बोस हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपने गृह नगर बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए थे.
नगरपालिका रोजगार घोटाले के मामले में ईडी के अधिकारियों ने केंद्रीय बलों के साथ बोस के कई ठिकानों की तलाशी ली थी. उनके आवास, कार्यालय और वीआईपी रोड के पास उनके बेटे के रेस्तरां की भी तलाशी ली गई थी. बोस ने चुनाव के दौरान ईडी की कार्रवाई की आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि ये जांच राजनीति से प्रेरित है. उन्होंने घोटाले के आरोपों को नकारते हुए कहा था कि सुजीत बोस की हालत इतनी खराब नहीं है कि उन्हें पैसे कमाने के लिए नौकरियां बेचनी पड़ें और लोग यह जानते हैं. उन्होंने कार्रवाई को चुनाव आयोग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की साजिश बताया था.
दरअसल, पश्चिम बंगाल में स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान ईडी को नगरपालिका नौकरी घोटाले के कई अहम सुराग मिले थे. तृणमूल कांग्रेस से जुड़े प्रमोटर अयान सिल के घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान के क्रम में जांच एजेंसी को जानकारी मिली. बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने भी नगरपालिकाओं में भर्ती अनियमितताओं की जांच शुरू की. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, केंद्रीय एजेंसियों के सामने राज्य सरकार के मंत्रियों और सत्तारूढ़ दल के कई प्रभावशाली नेताओं के नाम भी सामने आने लगे.