रेड रोड खाली...टूटी सालों पुरानी परंपरा, सुवेंदु सरकार ने बदला ईद का पुराना रिकॉर्ड
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आते ही नियमों में बदलाव किया है. ईद के दिन रेड रोड पूरी तरह से खाली रही. कोई भी व्यक्ति इस सड़क पर नमाज पढ़ता नहीं दिखा.
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस बार ईद की मुख्य नमाज को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया है. जिसकी वजह से वर्षों से चली आ रही परंपरा आज टूट गई. कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड की जगह अब ब्रिगेड परेड ग्राउंड को नमाज की मुख्य जगह बनाया गया है.
सुवेंदु सरकार की ओर से यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और शहर की सामान्य गतिविधियों को बाधित होने से बचाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है. सरकार का कहना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान रेड रोड को लंबे समय तक बंद करने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती थी.
सुवेंदु सरकार के फैसले पर इमाम का रिएक्शन
बंगाल सरकार की ओर से नमाज के स्थान को बदलकर अब ब्रिगेड परेड ग्राउंड कर दिया गया है, जो की रेड रोड से मात्र आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. सरकार का कहना है कि वहां ज्यादा खुली जगह उपलब्ध है, जिससे हजारों नमाजियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी और दूसरों को भी कठिनाइयों का सामना नही करना पड़ेगा. कोलकाता की प्रसिद्ध नखोदा मस्जिद के इमाम शफीक कासमी ने इस बदलाव का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक और व्यावहारिक कदम बताया है. उन्होंने कहा कि नई जगह पर प्रशासन के लिए व्यवस्था करना आसान होगा और नमाजियों को भी अधिक आरामदायक माहौल मिलेगा.
क्या है रेड रोड का इतिहास?
बता दें कि रेड रोड केवल कोलकाता की एक सड़क नहीं, बल्कि देश की एक ऐतिहासिक धरोहर है. ब्रिटिश काल में बनाई गई यह सड़क द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इमरजेंसी एयरस्ट्रिप के रूप में इस्तेमाल की जाती थी. उस समय रॉयल एयर फोर्स के लड़ाकू विमान इसी सड़क से उड़ान भरते और उतरते थे. आज भी इस सड़क को सैन्य तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए VIP कॉरिडोर का दर्जा प्राप्त है. ममता सरकार के कार्यकाल के दौरान ईद की नमाज के लिए इस सड़क को सुबह से करीब 10 बजे तक के लिए बंद कर दिया जाता था. जिसके कारण आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था.