'बंगाल को छेड़ने वाले जहन्नुम में जाएंगे', ईद पर ममता का तीखा वार, दे डाली सीधी चुनौती
ईद-उल-फितर के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर नमाज के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने BJP और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला
कोलकाता: ईद-उल-फितर की खुशियां मनाते हुए आज कोलकाता के रेड रोड पर राजनीतिक आग भड़क उठी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ी जनसभा को संबोधित किया और BJP पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता के अधिकार छीनने की कोशिश नहीं चलेगी. SIR से नाम कटवाने का मुद्दा उठाया और दिल्ली से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की बात कही. ममता ने साफ कहा कि जो बंगाल को छेड़ेगा, वह जहन्नुम में जाएगा. यह बयान 2026 विधानसभा चुनाव से पहले BJP को करारा संदेश देता है.
रेड रोड पर ईद की नमाज और राजनीतिक मंच
रेड रोड पर हजारों लोगों ने ईद की नमाज पढ़ी. नमाज के बाद ममता बनर्जी मंच पर आईं. उनके साथ भतीजे अभिषेक बनर्जी और कई टीएमसी नेता मौजूद थे. माहौल खुशियों भरा था, लेकिन भाषण में राजनीति छा गई. ममता ने कहा कि वे सभी जाति, धर्म और समुदाय के साथ खड़ी हैं. SIR में नाम कटने पर उन्होंने दिल्ली और कोर्ट का रुख किया. लोगों के अधिकार सुरक्षित रखने का वादा किया.
मोदी पर सीधा निशाना, प्रेसिडेंट रूल का डर
ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर कहा कि वे बंगाल की सरकार को जबरदस्ती कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं. प्रेसिडेंट रूल लगाने की मंशा जताई. लेकिन डरने वालों को जवाब दिया – जो डरते हैं, मरते हैं; जो लड़ते हैं, जीतते हैं. BJP को चोरों, गुंडों और गद्दारों की पार्टी बताया. वोट बांटने वालों पर तंज कसा. अल्लाह की मर्जी पर जोर दिया.
उर्दू शायरी से BJP को दी चेतावनी
ममता ने उर्दू शेर पढ़े-'मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है' और 'सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है'. कहा कि खुदी को बुलंद करो इतना कि खुदा पूछे तेरी रजा क्या है. बंगाल को निशाना बनाने वालों को जहन्नुम में भेजने की बात कही. अल्लाह से दुआ मांगी कि बंगाल और भारत की समृद्धि हो. यह भाषण भावुक और आक्रामक दोनों था.
टीएमसी का एकमात्र इरादा – BJP को हटाना
ममता ने साफ कहा कि उनका सिर्फ एक इरादा है – BJP को सत्ता से हटाना और राष्ट्र को बचाना. उन्होंने कहा कि लड़ाई जारी रहेगी. मोदी जी को अधिकार छीनने नहीं देंगे. जनता के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया. यह बयान ईद के मौके पर दिया गया, जो धार्मिक एकता के साथ राजनीतिक संदेश देता है. 2026 चुनाव की तैयारी साफ दिख रही है.
ईद पर राजनीतिक बयानबाजी, बंगाल में गूंज
ईद जैसे पवित्र मौके पर इतना तीखा राजनीतिक हमला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. ममता का यह रुख BJP को चुनौती देता है. बंगाल में सांप्रदायिक सद्भाव और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकेत है. आने वाले दिनों में राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ेंगी. सबकी नजर 2026 विधानसभा चुनाव पर टिकी है.
और पढ़ें
- मार्च में सर्दियों की दस्तक, 19 राज्यों में आंधी-ओले और बारिश का कहर; दिल्ली से बिहार तक कंपकंपी
- महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा, बलात्कारी ज्योतिषी अशोक खरात से संबंध का था आरोप
- 'पत्नी नौकरानी नहीं है', सुप्रीम कोर्ट की पतियों को दो टूक; कहा- घरेलू कामों में हाथ बंटाना चाहिए